कमलनाथ विधायकों और मंत्रियों को चलो चलो कह कर भगा देते थे, उनके पास समय ही नहीं था

बेंगलुरु। मध्य प्रदेश के बागी हुए 22 विधायकों ने मुख्यमंत्री कमलनाथ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहां है कि उन्हें स्वयं ही इस्तीफा दे देना चाहिए, बागी विधायकों ने बेंगलुरु में प्रेस से चर्चा करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में अधिकारी शक्तिशाली हो गए थे, विधायकों को तिरस्कृत किया जा रहा था, सीएम साहब चलो चलो कह कर विधायकों को बंगले से भगा देते थे, क्षेत्र में जनता लगातार हमको ताने मार रही थी, क्षेत्र में वादे पूरे न करने के कारण जाने में भी शर्म आती थी, हम बंधक नहीं है, हमें केंद्र सरकार से सुरक्षा दे, सीएम के पास हमारी बातें सुनने का समय नहीं है, हमारे क्षेत्र की घोर उपेक्षा हुई है मुख्यमंत्री का सारा ध्यान सिर्फ छिंदवाड़ा पर केंद्रित रहा, किसानों पर दर्ज प्रकरण वापस नहीं हुए, क्षेत्र के लोग हमें गालियां दे रहे हैं, अब वापस कांग्रेसमें जाने का सवाल ही नहीं, राहुल गांधी ने भी साथ देने का वादा किया था लेकिन उन्होंने भी कुछ नहीं किया, 15 महीने में सरकार ने न मंत्रियों की सुनी और ना ही विधायकों की, कर ले थोड़ी और बनाने हैं। कुल मिलाकर विधायकों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे किसी भी सूरत में कमलनाथ सरकार के साथ नहीं है और क्षेत्र की जनता के सवालों के जवाब देने के लिए सिंधिया जी के साथ हैं।