किसी भी माध्यम सड़क, रेल से जिले की सीमा में बाहरी वाहनों तथा अन्य राज्य व जिले से प्रवेश-आगमन प्रतिबंधित कर दिया है। जिले में निवासरत नागरिकों का जिले की सीमा के बाहर जाना तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया गया

सम्पूर्ण जिले की राजस्व सीमाओं आगामी आदेश तक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी
जिले में तत्काल प्रभाव से लॉकडाउन घोषित
            उज्जैन । कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के दृष्टिकोण से अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी डॉ.आरपी तिवारी ने दण्ड प्रक्रिया संहिता-1973 की धारा-144 की शक्तियों का प्रयोग करते हुए सम्पूर्ण उज्जैन जिले की समस्त राजस्व सीमाओं में आगामी आदेश तक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। आदेश के तहत जिले में तत्काल प्रभाव से लॉकडाउन घोषित कर दिया है। लॉकडाउन की स्थिति में कंडिका 5 में उल्लेखित प्रतिष्ठानों में अतिआवश्यक होने पर कोई व्यक्ति अल्पसमय के लिये जा सकेगा। इसके अतिरिक्त किसी व्यक्ति को अपने घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी। जिले की सभी सीमाएं सील की जायेंगी। किसी भी माध्यम सड़क, रेल से जिले की सीमा में बाहरी वाहनों तथा अन्य राज्य व जिले से प्रवेश-आगमन प्रतिबंधित कर दिया है। जिले में निवासरत नागरिकों का जिले की सीमा के बाहर जाना तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया गया है। अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी ने कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री शशांक मिश्र के अनुमोदन उपरान्त आदेश जारी किया है।
      अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी डॉ.आरपी तिवारी ने इस सम्बन्ध में आदेश जारी कर दिये हैं। आदेश के तहत जिले के समस्त शासकीय, अर्द्धशासकीय कार्यालय बन्द रहेंगे। अत्यावश्यक सेवा वाले विभाग जैसे राजस्व, स्वास्थ्य, पुलिस, विद्युत, दूरसंचार, नगर पालिका, पंचायत आदि इससे मुक्त रहेंगे। मेडिकल दुकान, खाद्य सामग्री अर्थात ग्लोसरी आयटम, फल, सब्जी और हॉस्पिटल तथा सभी बैंकों के एटीएम से कैश प्रतिपूर्ति की सेवा के अलावा शेष समस्त व्यावसायिक प्रतिष्ठान बन्द रहेंगे।
      उक्त प्रतिबंध निम्न परिस्थितियों में शिथिल रहेंगे- उपरोक्त प्रतिबंध इमरजेंसी ड्यूटी वाले शासकीय कर्मचारियों के केवल ड्यूटी के प्रयोजन से अपने कार्यस्थल जाने एवं कार्य करने की अवधि में लागू नहीं होंगे। सभी अधिकारी-कर्मचारियों को अपने साथ वैध परिचय-पत्र रखना अनिवार्य होगा। घर-घर जाकर दूध बांटने वाले दूध विक्रेता एवं न्यूज पेपर हॉकर प्रात: 6.30 बजे से 9.30 बजे तक प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे।
      यह आदेश दण्ड प्रक्रिया संहिता-1973 की धारा-144(1) के अन्तर्गत एकपक्षीय पारित किया जाता है। कोई भी व्यक्ति इस सम्बन्ध में अपनी आपत्ति या आवेदन अधिनियम की धारा-144(5) के अन्तर्गत प्रस्तुत कर सकता है।
      आदेश का उल्लंघन भारतीय दण्ड संहिता की धारा-188 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा। यह आदेश आज रविवार 22 मार्च से 25 मार्च की रात्रि 12 बजे तक प्रभावशील रहेगा।