क्या सचमुच शहर का नया श्मशान घाट आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज बन रहा है?

उज्जैन। आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज लगातार लाशें उगल रहा है भय ऐसा कि मरीज वहां जाने के नाम से ही थर्रा जाता है, जिंदा वापस घर लौटने की उम्मीद छोड़ देता है,,,, करोड़ों के खर्च के बावजूद वहां की तस्वीरें भयावह  है। लगातार विरोध के स्वर मुखर होने के बावजूद शासन प्रशासन का" मोनी बाबा" बने रहना आश्चर्यजनक घटना के रूप में दर्ज हो रहा है ,करोड़ों की   " वारी- फैरी"करने वालों से बस एक निवेदन है कि शहर के इस नए श्मशान घाट का विधिवत उद्घाटन करें जिससे हम अखबार वाले फोटो छाप कर आपको खुश कर सके,,,, आज सोशल मीडिया पर जिस तरह आरडी गार्डी को लेकर विरोध जताया जा रहा है उसके बाद भी यदि शासन प्रशासन "माता गांधारी" का सच्चा सपूत बना रहना चाहता है तो महाकाल की नगरी को काल नगरी बनाने वालों का दंड उसे आज नहीं तो कल जरूर मिलेगा।भारतीय जनता पार्टी के बॉडीबिल्डर और पूरी तरह स्वस्थ रहने वाले जिंदादिल पार्षद की मौत और मौत के पहले का वीडियो इस बात का प्रमाण है कि आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज पर नजर रखने और वहां की व्यवस्थाओं के लिए जिला प्रशासन के पास कोई एक्शन प्लान नहीं है, दुख तो इस बात का भी है कि आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में अब तक कितनी मौतें हुई इसकी जानकारी सीएचएमओ तक को नहीं है दैनिक मालव क्रांति ने जब उनसे आंकड़ा पूछा तो उनका कहना था कि मैं  छाट  कर बताती हूं, स्पष्ट है कि प्रशासन के पास जब लाशों की गिनती ही नहीं है ,तो एक्शन प्लान कैसे बनाया जा सकता है। लगातार मौतों  के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर ऐसा कोई बड़ा फैसला सामने नहीं आया जिससे यह महसूस हो सके की प्रशासनिक क्षमता बरकरार है। वहां होने वाली मौतों की जानकारी के लिए जिलाधीश शशांक मिश्र से भी बात करने का प्रयास किया किंतु विफल रहा, बड़ा प्रश्न यह है कि व्यवस्थाएं कैसे सुधरेगी।


सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक पोस्ट यह भी जो बताती है कि आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज के हाल क्या है              *एक पुत्र की वेदना*
 


*R.D. गार्डी हॉस्पिटल की अव्यवस्थाओं के कारण अपने पिता की मौत के बाद एक पुत्र के मन की वेदना*


 में *रिदम चौधरी* पिता का नाम मनोज चौधरी पता 54/4 जवाहर मार्ग 
पटनी बाज़ार उज्जैन मोबाइल नंबर *9425092037*  
में रिदम चौधरी कल शाम को मेरे पिताजी मनोज चौधरी का आकस्मिक निधन हो गया है । जिसकी सूचना हमें थाना महाकाल और आर डी गार्डी हॉस्पिटल द्वारा दी गयी । मेरे पिताजी का अवास्थ्य 5 - 6 दिन से ठीक नही था तो पहले के दो दिन तो कुछ दवाई देकर ठीक हो गये थे किंतु 3 दिन तक जब उनका स्वास्थ्य ठीक नही हुआ तो हमने कोरोना चेकिंग टीम को घर बुलाया उन्होंने चेक किया  और उनको ज्यादा ठीक लगा । ज्यादा खराब स्थिति नही थी फिर अगले दिन माधव नगर में ट्रीटमेंट के लिए ले गए क्योंकि उन्हें आराम नही था फिर वहाँ से उन्हें R D gardi रेफर कर दिया तो उन्हें हमने यह एडमिट करवा दिया । में स्वयं यहाँ पर उनको लेकर आया था तो उनको ऊपर ले जाने के लिए स्टाफ को बोलने पर भी वे 20 min तक स्ट्रेचर नही लाये थे फिर चिल्ला चोट करने के बाद वह स्ट्रेचर लाए । 3 दिन तक उनसे हमारा कोई सम्पर्क नही था पर 1 पहचान वाले व्यक्ति ने पुष्टि करि थी कि उनका स्वस्थ ठीक है और रिपोर्ट आने तक इंतेज़ार करेगी उपचार करने का । इसका सीधा मतलब ये है कि अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आएगी तभी इलाज होगा वरना ये मरीज़ का मरने का इंतज़ार करेगे ।। ओर इसी लापरवाही का मेरे पिताजी शिकार हुए है।। रिपोर्ट भी 3 दिन में आती है तो आज एडमिट करे को 4 दिन हो चुके है उसके बाद भी बोल रहे है कि रिपोर्ट कल आएगी ।। हमारा पूरा परिवार पूरी तरह से बिखर गया है हम चाहते है की उज्जैन का ठंडा प्रशासन जल्द से जल्द इसका निराकरण करे वरना अस्पताल को मौत का घाट बनने में समय नही लगेगा ये लापरवाही यही नही रुकती में अपने पिताजी का मृत शरीर जब लेने हॉस्पिटल आया तो में 7 बजे यहां आ गया था उसके बाद ये बोले जा रहे थे कि बस डॉक्टर आ रहे है उनको मालूम है पहले 8 बजे बोलै फिर 8,30 का बोला ओर ऐसे करते करते डॉक्टर 9 बजे आये।