महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान के सचिव प्रोफेसर विरुपाक्ष के खिलाफ एफ आई आर दर्ज होनी चाहिए

उज्जैन। केंद्र सरकार के मानव विकास एवं संसाधन मंत्रालय द्वारा संचालित उज्जैन के महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान के सचिव प्रोफेसर विरुपाक्ष जडीपाल के खिलाफ एफ आई आर दर्ज की जानी चाहिए क्योंकि सचिव की हठधर्मिता के चलते इस संस्थान में कार्यरत सभी कर्मचारी और अधिकारी दहशत में है। सचिव द्वारा लॉक डाउन के नियमों के विरुद्ध ना सिर्फ पूरा कार्यालय संचालित किया जा रहा है बल्कि देशभर से वेद विद्या की शिक्षा लेने आए छात्रों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने में भी कोई कसर नहीं रखी गई। सचिव द्वारा हठधर्मिता के अनेक उदाहरण है पहला उदाहरण कॉपी जांचने का है जब देशभर के बोर्ड एवं विद्यालयों ने कॉपी जांचने का काम बंद कर दिया तब सचिव ने कॉपी जांचने के लिए विद्वानों को उज्जैन बुलाया और समय रहते हैं उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया जिसके कारण 25 से अधिक विद्वान परेशान होते रहे , इसी  प्रकार सचिव ने दबाव बनाकर पूरा कार्यालय खोला और सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को ऑफिस में आने का दबाव बनाया परिणाम स्वरूप उज्जैन के हॉटस्पॉट बेगमपुरा में रहने वाली एक महिला कर्मचारी को 14 मई को ऑफिस आन के लिए विवश होना पड़ा उक्त महिला अधिकारी कार्यालय में आई और लेखा विभाग में काम भी किया साथ ही सहकर्मी के साथ भोजन भी किया अब यह महिला कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव आई है जिससे पूरा कार्यालय दहशत में है , सूत्रों के मुताबिक गांधीनगर के कंटेनमेंट क्षेत्र में रहने वाले दैनिक भोगी कर्मचारी को भी कार्यालय में आने दबाव डाला गया और जब उक्त कर्मचारी ने  असमर्थता जताई तो उसे नौकरी से निकाल देने की सूचना है । इसी प्रकार हठधर्मिता के चलते समय रहते हुए वेद पाठी छात्रों को छात्रावास से नहीं जाने दिया, जब बहुत हल्ला मचा तो बगैर किसी जांच के कुछ छात्रों को जाने दिया गया इसी बीच खबर आई कि जो छात्र यहां से गए उनमें से एक को कोरोना निकला बावजूद इसके हॉस्टल में रहने वाले छात्रों की जांच के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए दैनिक मालव क्रांति ने 16 मई को जिलाधीश को एक मैसेज कर इसकी जानकारी दी उसके बाद जिला प्रशासन की टीम छात्रावास पहुंची और सैंपल लिए जिसमें से 13 छात्र कोरोना पाजीटिव आए जबकि सूत्रों के मुताबिक कुछ की रिपोर्ट अभी आना शेष है, इन छात्रों की जान आफत में डालने का और इनके परिवार वालों को दहशत में डालने का काम भी सचिव ने ही किया है। ऐसी स्थिति में सचिव के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाना चाहिए। क्योंकि सचिव की हठधर्मिता के कारण देशभर में कोहराम मचा हुआ है जिन छात्रों को कोरोना हुआ है उनके परिजन देशभर में फैले हुए हैं और वे अब अपने बच्चे के स्वास्थ्य को लेकर बेहद चिंतित है इसके अतिरिक्त कार्यालय में काम करने वाले लगभग 80 कर्मचारी और अधिकारी के परिवार वाले भी दहशत में है।