नाबालिग बालिका का अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने वाले आरोपियों की जमानत खारिज,,,,,,,,,,राजगढ । जिला न्यायालय में पदस्थ विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट/तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती अंजली पारे ने थाना बोडा के अपराध क्रमांक 04/20 धारा 384, 354ग, 34 भादवि एवं 11/12 पाॅक्सो एक्ट में आरोपीगण कुन्दन पिता जमना सांसी एवं शुभम पिता कुन्दन सांसी निवासी कड़िया का जमानत आवदेन निरस्त कर दिया है। घटना का विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 01.01.2020 को शाम करीब 6 बजे पीडिता पचोर से अपने घर आ रही थी तभी रास्ते में गांव कड़िया का कुन्दन पिता जमना सांसी उसके घर के सामने खड़ा था और पीडिता को रोककर बोला कि ‘‘मेरे पास तेरा अश्लील वीडियो है। तू हमें 50 हजार रूपये दे नहीं तो वायरल कर देंगे।‘‘ पीडिता ने कहा मेरे पास पैसे नहीं है और वह अपने घर चली गयी। उसके अगले दिन दोपहर 2 बजे करीब कुंदन का लड़का शुभम मिला तथा उसने भी कहा कि ‘‘तेरा अश्लील वीडियो हमारे पास है, 30 हजार रूपये दे नहीं तो वायरल कर देंगें।‘‘ जिसे पीडिता ने कहा कि मेरे पास पैसे नहीं है। उक्त आरोपियों द्वारा प्रताड़ित होकर पीडिता ने फिलाईल पी ली थी, जिससे उसकी तबीयत खराब हो गयी थी। जिस पर आरोपी कुंदन और शुभम के विरूद्ध थाना बोडा में अपराध कायम कर विवेचना हेतु विचाराधीन है। उक्त प्रकरण में आरोपीगण कुन्दन और शुभम ने जमानत हेतु न्यायालय के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया था। जिस पर अभियोजन की ओर से जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री आलोक श्रीवास्तव राजगढ द्वारा तर्क किया गया कि आरोपीगण पूर्व से ही आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त है, जिनके विरूद्ध मारपीट तथा चोरी करने के अन्य अपराध भी पंजीबद्ध है। श्री श्रीवास्तव द्वारा न्यायालय के समक्ष तर्क किया गया कि यदि आरोपी को जमानत का लाभ दिया जाता है फरियादिया की मानसिक दशा पर विपरीत पड़ेगा और आरोपीगण अपराध की पुनरावृति कर सकता है। यदि आरोपी को जमानत का लाभ दिया जाता है तो आरोपी फरार हो जायेगा जिससे प्रकरण की विवेचना पर विपरीत प्रभाव पडेगा। डीपीओ द्वारा दिये गये उक्त तर्कों से सहमत होते हुये माननीय न्यायालय द्वारा आरोपीगण कुन्दन और शुभम की जमानत खारिज कर दी गयी है।