श्री क्षेत्र पंडा समिति का निषेधाज्ञा का आवेदन अनुचित मानकर निरस्त कर दिया

 


श्री क्षेत्र पण्डा समिति के अध्यक्ष पं. राजेश त्रिवेदी एवं पं. सोहन भट्ट द्वारा पं.मोहन त्रिवेदी एवं पं. कोमल गुरु के विरुद्ध माननीय षष्ठम्‌ व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 उज्जैन, पीठासीन अधिकारी माननीया नेहा अग्रवाल के न्यायालय में विविध प्रकरण क्रमांक 08,/2020 घोषणात्मक सहायता हेतु वाद एवं अंतरिम स्थगन प्राप्ति हेतु प्रस्तुत किया था। प्रतिवादीगण सूचनादाताओं ने अपने अधिवक्ता श्री बी.एल. चौहान के माध्यम से पं. राजेश त्रिवेदी एवं उनके समिति


के पदाधिकारियों की उक्त वैधानिक कार्यवाही का प्रतिकार कर समिति के वर्तमान पदाधिकारियों के निर्वाचन को अवैध तथा म.प्र. सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम तथा समिति के विधान के विपरीत पण्डा समिति पर उनका अवैध एवं निरंकुश आधिपत्य विधान तथा अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत होने से उन्हें प्रतिवादीगण के निर्वाचन को अमान्य कर पण्डा समिति के नये निर्वाचित पदाधिकारियों के कार्य करने पर अस्थायी निषेधाज्ञा (्थगन आदेश) प्राप्त करने


के आवेदन का पूर्व पदाधिकारियों पं. राजेश त्रिवेदी आदि की अवैध गतिविधियों तथा उनके द्वारा पंजीयक महोदय फर्म्स एवं संस्थाएं मध्यप्रदेश द्वारा प्रतिवादीगण का निर्वाचन अमान्य करवाने के स्थान पर माननीय न्यायालय में असत्य शपथ-पत्र एवं तथ्यों के आधार पर माननीय न्यायालय के विधिपूर्ण प्राधिकार का अवमान कर पण्डा समिति के सदस्यों तथा प्रतिवादीगण के वैधानिक अधिकारों का हनन कर समिति पर अवैध कब्जा कर माननीय न्यायालय से प्रतिवादीगण एवं समिति सदस्यों के अधिकारों का अतिक्रमण करने में न्याय प्राप्ति के प्रयास के विरूद्ध दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 495,/340 एवं भारतीय दण्ड विधान की धारा 493 के अंतर्गत पं. राजेश त्रिवेदी के विरुद्ध कठोर आपराधिक कार्यवाही करने का आवेदन भी प्रतिवादीगण द्वारा प्रस्तुत किया गया। माननीय न्यायालय ने वादीगण राजेश त्रिवेदी आदि के आवेदन को अपने विस्तृत 7 पृष्ठीय आदेश के माध्यम से अस्थायी निषेधाज्ञा का आवेदन अनुचित मानकर निरस्त कर दिया। माननीय न्यायालय के इस आदेश से समिति के सैंकड़ों तीर्थ पुरोहित सदस्यगणों में हर्ष व्याप्त है।