जहरीली शराब के तस्कर की सेशन न्यायालय से भी जमानत निरस्त,,,,,,,मोबाईल से अश्लील मेसेज भेजने वाले अभियुक्त को न्यायालय ने भेजा जेल*

उज्जैन


 न्यायालय श्रीमान जफर इकबाल, अपर सत्र न्यायाधीश, बडनगर, जिला उज्जैन के न्यायालय द्वारा अभियुक्त रमेश पिता गंगाराम चौधरी, उम्र-50 वर्ष, निवासी- भाटपचलाना, तहसील बड़नगर, जिला उज्जैन का जमानत आवेदन निरस्त किया गया। 


 मीडिया सेल प्रभारी श्री मुकेश कुमार कन्हारे ने अभियोजन घटना अनुसार बताया कि दिनांक 14.09.2020 को पुलिस थाना भाटपचलाना पर पदस्थ प्र.आर. अरविंद गणवा को मुखबीर द्वारा सूचना मिली कि रूबीजा रोड पर चौधरी ढ़ाबे के सामने एक व्यक्ति शराब लेकर खडा है। मुखबीर की सूचना पर मय फोर्स के साथ बताए हुए स्थान पर पहुंचे जहां मुखबीर के द्वारा बताये हुए हुलिए का व्यक्ति दिखा जो पुलिस को देखकर भागने लगा। उसे फोर्स व पंचो की मदद से पकड़ा तथा उसका नाम व पता पूछने पर उसने अपना नाम रमेश पिता गंगाराम चौधरी होना बताया। उसके हाथ में पकड़ी प्लास्टिक की सफेद रंग की थैली में रखी प्लास्टिक की कैन का ढक्कन खुलवाकर देखा तो उसमें महुऐं की हाथ भट्टी की जहरीले शराब करीबन 20 लीटर होना पाई गई। शराब को सूंघने पर उसमें जहरीली गंध आना पाई गई। अभियुक्त को शराब रखने के संबंध में विधिक अनुमति व लाइसेंस की पूछने पर अभियुक्त ने नहीं होना बताया। उक्त शराब को विधिवत जप्त किया गया। अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त के विरूद्ध आबकारी अधिनियम में अपराध पंजीबद्ध किया गया। 


 अभियुक्त रमेश द्वारा माननीय न्यायालय में जमानत आवेदन प्रस्तुत किया गया था, अभियोजन अधिकारी द्वारा जमानत का विरोध करते हुये तर्क किये कि अभियुक्त ने जहरीली शराब कब्जे में रख कर गंभीर अपराध कारित किया है। न्यायालय ने अभियोजन के तर्को से सहमत होकर अभियुक्त का जमानत आवेदन निरस्त किया गया। 


नोटः- अभियुक्त रमेश द्वारा न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के न्यायालय में जमानत आवेदन प्रस्तुत किय गया था जिसका विरोध श्री राकेश कटारिया, एडीपीओ द्वारा किया गया था। न्यायालय द्वारा अभियोजन के तर्को से सहमत होकर अभियुक्त का जमानत आवेदन निरस्त किया गया था। अभियुक्त द्वारा पुनः अपर सत्र न्यायालय में जमानत आवेदन पेश किया गया था जिसे निरस्त किया गया है। 


 प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी श्री कलीम खान, एजीपी जिला उज्जैन द्वारा पैरवी की गई।        


*मोबाईल से अश्लील मेसेज भेजने वाले अभियुक्त को न्यायालय ने भेजा जेल*


 न्यायालय प्रथम वर्ग न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती साक्षी कपूर, जिला उज्जैन के न्यायालय द्वारा अभियुक्त शैलेन्द्र पिता रमेशचन्द्र गुप्ता, निवासी-जिला बड़वानी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा।   


 अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी श्री मुकेश कुमार कु न्हारे ने बताया कि अभियोजन की घटना इस प्रकार है दिनांक 28.04.2019 कि रात्रि करीब 09ः30 पर फरियादियां अपने घर पर सिलाई का काम कर रही थी, तभी उसके मोबाईल पर एक फोन आया तो फरियादियां ने जब उठाया तो कोई नहीं बोला, फिर थोडी देर बात फरियादिया के मोबाईल पर 20 टेक्टस मेसेज आये जो बहुत ही अश्लील थे। जब फरियादियां ने मेसेज से संबंधित मोबाईल नम्बर पर मेसेज किया बोली कि मैं तुम्हारी शिकायत पुलिस में कर दूंगी, तो सामने वाले मोबाईल नम्बर से अश्लील फोटो नेट पर डालने की धमकी दी गई। फरियादियां के पास अश्लील मेसेज आने के कारण फरियादियां के द्वारा पुलिस थाना महाकाल पर अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध रिपोर्ट लेखबद्ध कराई गई। थाना महाकाल द्वज्ञरा अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया। विवेचना के दौरान अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। 


न्यायालय द्वारा अभियुक्त को न्यायिक अभिरक्षा मंे जेल भेजा गया।  


 अभियोजन की ओर से पैरवी श्रीमती कमलेश श्रीवास, सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी, जिला उज्जैन द्वारा किया गया था।                   


पत्नि को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने वाले पति की जमानत निरस्त


 न्यायालय श्रीमान जफर इकबाल अपर सत्र न्यायाधीश-तहसील बड़नगर जिला उज्जैन के न्यायालय द्वारा अभियक्त श्रवणसिंह पिता गणपतसिंह निवासी-पालीबडोदा, तहसील बदनावर जिला धार का जमानत आवेदन निरस्त किया गया।


 उप-संचालक अभियोजन डॉ0 साकेत व्यास ने बताया कि घटना इस प्रकार है कि दिनांक 07.07.2020 को मृतिका सीमाकुवंर द्वारा जहर खा लिया है, इस पर पुलिस थाना बड़नगर नेे मृतिका सीमाकुवंर पति श्रवणसिंह निवासी पालीबडोदा थाना बदनावर जिला धार नवविवाहित होने से मर्ग कायम कर जांच की गई, मर्ग जांच में उसके परिवार के सदस्यों के कथन लिये गऐ। मर्ग जांच में पाया कि मृतिका को उसका पति श्रवणसिंह चरित्र शंका कर उसको परेशान करता था तथा मारपीट कर उसे पीयर छोड आता था व एक-दो सप्ताह में वापस लाकर मारपीट करता था। अभियुक्त श्रवणसिंह द्वारा मृतिका पर चरित्र शंका पर आये दिन मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताडित किया जिसके फलस्वरूप मृतिका द्वारा जहर खाकर आत्महत्या कर ली है। अभियुक्त के विरूद्ध थाना बड़नगर पर अपराध पंजीबद्ध किया गया। अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। 


 जमानत आवेदन न्यायालय में प्रस्तुत किया था। अभियोजन अधिकारी की ओर से जमानत आवेदन का विरोध करते हुये तर्क किये कि अभियुक्त ने गंभीर अपराध कारित किया है। न्यायालय द्वारा अभियोजन के तर्केे से सहमत होकर अभियुक्तगण का जमानत निरस्त किया गया।


प्रकरण में पैरवीकर्ता श्री कलीम खान, एजीपी तह0 बड़नगर जिला उज्जैन द्वारा की गयी।               


*जुआ खेल रहे अभियुक्त को पुलिस से छुडाकर ले जाने वाले अभियुक्तगण की जमानत खारिज


न्यायालय श्रीमती पुनीता चौहान, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, जिला उज्जैन के न्यायालय द्वारा अभियुक्तगण 01. सेवाराम पिता लक्ष्मीनारायण गेहलोद निवासी- 02. नाथूलाल पिता लक्ष्मीनारायण गेहलोद निवासीगण- बुधवारिया, अंकपात मार्ग जिला उज्जैन के जमानत आवेदन निरस्त किया गया। 


 अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी श्री मुकेश कुमार कुन्हारे ने अभियोजन घटना अनुसार बताया कि दिनांक 13.03.2016 को पुलिस थाना खाराकुंआ पर पदस्थ उप. निरीक्षक गजेन्द्र धाकड के अनुसार सर्कल भ्रमण के दौरान बीट आरक्षक मुकेश झाला ने सूचना दी की उसे मुखबीर द्वारा सूचना मिली है कि बुधवारिया मस्जिद के पीछे एक सूने मकान में चार लोग रूपये-पैसों से दाव लगा कर ताश पत्ती से तीनपत्ती नामक जुआ खेल रहे है। मुखबीर द्वारा बताऐ स्थान पर भेजने हेतु एचसीएम को पाबंद कर सर्कल की बीट पार्टियों को तलब कर रवाना होकर मुखबीर द्वारा बताये स्थान पर पहंुचे, जहां एक सूने मकान में चार व्यक्ति रूपये पैसे दाब लगाकर तीन पत्ती नामक जुआ खेल रहे थे। जिन्हें घेराबंदी कर पकडकर अभिरक्षा में लिया तथा मौके पर 300/- रूपये नगदी व 40 ताश के पत्ते पडे हुऐ थे। सभी व्यक्तियों के नाम व पता पूछने पर उन्होने अपना नाम राजेश गेहलोद, अकरम, अनिल एवं एक अन्य ने नाम नहीं बताया। उपरोक्त सभी का कृत्य धारा 13 जुआ एक्ट दण्डित पाये जाने पर पडे नगदी एवं ताश पत्ते की जप्ती की कार्यवाही प्रारंभ किया कि इतने में ही सेवाराम गेहलोद एवं नाथू नाम के व्यक्ति उत्तेजित होकर आये और फोर्स के साथ दुर्व्यवहार करते हुए हुज्जत करने लगे और सभी चारों जुआरियों को बलपूर्वक पुलिस अभिरक्षा से छुडाकर ले भाग गये। सेवाराम गेहलोत व नाथू तथा तीन-चार अन्य व्यक्तियों द्वारा शासकीय कार्य में बाधा डाली गई जिससे पकडे गये जुआरियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। मौके से विधिवत रूप से नगदी एवं ताश पत्तों जप्ती की गई। अभियुक्तगण की तलाशी की गई नहीं मिलने पर थाना वापस आकर अभियुक्तगण के विरूद्ध धारा 353, 186, 225, 34 भादवि में अपराध पंजीबद्ध किया गया। विवेचना के दौरान अभियुक्तगण को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया। 


अभियुक्तगण द्वारा माननीय न्यायालय में जमानत आवेदन प्रस्तुत किया गया था, अभियोजन अधिकारी द्वारा जमानत आवेदन का विरोध किया गया कि अभियुक्तगण द्वारा पुलिस फोर्स से दुर्व्यवहार करने व शासकीय कार्य में बाधा एवं फोर्स पर हमलाकर बल प्रयोग करते हुए अन्य अभियुक्तगण को भगाकर ले जाने का गंभीर प्रकृति का अपराध किया है। न्यायालय ने अभियोजन के तर्को से सहमत होकर अभियुक्त का जमानत आवेदन निरस्त किया गया। 


प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी श्री महेश चन्द्रावत, सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी, जिला उज्जैन द्वारा पैरवी की गई।