BIG BREAKING,,,,,,,, खाराकुआ थाने के दो पुलिसकर्मियों पर गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज, नगर निगम के गुंडों के अवैध निर्माण भी तोड़े

उज्जैन ।नकली शराब कांड में निलंबित खाराकुआ थाने के दो पुलिसकर्मियोंोंअनवर और नवाब पर गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया है ,इसके अतिरिक्त महाकाल थाने के दो पुलिसकर्मियों को भी निलंबित कर जांच शुरू कर दी गई है, बताया जाता है कि नकली शराब कांड में खाकी वर्दी वाले ही बड़ा खेल कर रहे थे, सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक जिन पुलिसकर्मियों पर गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया है वही नगर पालिक निगम की बिल्डिंग में अवैध शराब की फैक्ट्री खोले हुए थे ,सिकंदर और गब्बर इन्हीं पुलिसकर्मियों के इशारों पर काम करते थे, जांच में पुलिसकर्मियों के खिलाफ ठोस सबूत प्राप्त होने के बाद इनके खिलाफ धारा 304 धारा 328 और आबकारी एक्ट की धारा 49A3 मैं प्रकरण दर्ज किया गया है, इन पुलिसकर्मियों की शाह पर ही पूरे क्षेत्र में अवैध रूप से पोटली शराब बेची जाती थी जिसकी वजह से 1 दर्जन से अधिक मौतें हो चुकी है, जिस तरह जांच चल रही है इससे लगता है कि शाम होने तक कुछ और पुलिसकर्मियों पर भी एफ आई आर दर्ज हो सकती है, उल्लेखनीय है कि हम पहले ही कह चुके हैं कि सिर्फ दो पुलिसकर्मी नहीं बल्कि पूरा खारा कुआंथाना ,,,,क्षेत्र के गुंडों के आगे सर झुकाता है ,यही वजह है कि पूरा क्षेत्र अवैध गतिविधियों का बड़ा केंद्र बन के सामने आया है, क्षेत्र में न सिर्फ अवैध शराब की बिक्री बल्कि अनेक अवैध धंधे बेखौफ चलाए जाते हैं, इसके अतिरिक्त क्षेत्र की सार्वजनिक सड़कों को वर्दी धारियों और गुंडों ने मिलकर लगभग बेच दिया है ,क्षेत्र में 200 से अधिक अतिक्रमण इन्हीं गुंडों की शह पर हुए हैं। खाराकुआ थाने के अतिरिक्त महाकाल थाना भी इस कृत्य में शामिल है ,क्षेत्र में देह व्यापार से लेकर दिन भर महिलाओं और युवतियों के साथ छेड़छाड़ भी होती है, मोबाइल और सोने की चेन छीनने वाला गिरोह भी इसी क्षेत्र में पुलिस कर्मियों की पार्टनरशिप में सक्रिय रहता है, जेब कतरों का बड़ा गिरोह भी पुलिसकर्मी की ही पार्टनरशिप में चलाया जाता है, पुलिस के कुछ बड़े अधिकारियों की भूमिकाएं भी पूरी तरह संदिग्ध है क्योंकि किसी पुलिसकर्मी की इतनी हिम्मत नहीं कि वह अपने वरिष्ठ अधिकारियों को खुश करें बगैर हर तरह की अवैध गतिविधियां संचालित कर सके                                                                                                गब्बर और सिकंदर के मकान को जहां पर अतिक्रमण था उसको हटा दिया है      उज्जैन। जहरीली शराब कांड में गब्बर सिकंदर का नाम आने के बाद नगर निगम ने इन लोगों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है अब नगर निगम की टीम शनिवार की दोपहर में जूना सोमवारिया स्थित इनके मकानों पर पहुंची जहां पर इन लोगों ने अवैध रूप से अतिक्रमण करते हुए मकानों का निर्माण कर रखा था जिसको बलपूर्वक जेसीबी से तोड़ा जा रहा है ।हालांकि रहवासियों ने इसका विरोध भी किया लेकिन पुलिस बल ने इन लोगों की एक बात भी नहीं सुनी और गब्बर और सिकंदर के मकान को जहां पर अतिक्रमण था उसको हटा दिया है।