जिनके संस्कार में सभ्यता होती है,उनके जीवन में भव्यता होती है- डॉ एस एस सलूजा


उज्जैन। शिक्षा संजीवनी है और शिक्षक उसका सुषेण वैद्य। परिवार में बुजुर्गो की, सड़क पर सिपाही की, विद्यालय में शिक्षकों की छड़ी, लौटा दो। आने वाली पीढ़ियां सुधर जाएगी।
उक्त उदगार शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय नालिया बाखल के वार्षिकोत्सव पुरस्कार वितरण समारोह की मुख्य अतिथि डॉ एस एस सलूजा ने व्यक्त किए। अध्यक्षता शुभ संदेश सामाजिक कल्याण समिति की अध्यक्ष प्रीति गोयल ने की। विशेष अतिथि मंगला पंड्या, माला अग्रवाल, पिंकी अग्रवाल थी। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रीति गोयल ने प्रेरणा प्रदान करते हुए कहा कि शिक्षक और सड़क एक समान होते है जो राही को सही मंजिल तक पहुंचाते है। बेटे को जिंदगी दो मगर बाईक नहीं और बिटिया को शिक्षा दो मगर बाईक नहीं। अतिथि स्वागत प्रधानाचार्य शैलेन्द्र व्यास स्वामी मुस्कुराके, लता शिंदे, पुरूषोत्तम विष्णु चिंतन, संजय अष्ठाना, सीमा शर्मा, प्रियंका सोलंकी, मनीषा गुप्ता, राकेश जोशी ने किया। शुभ संदेश सामाजिक कल्याण समिति द्वारा विद्यालय परिवार को कम्प्यूटर, लेजर प्रिंटर विद्यर्थियो को तकनीक शिक्षा हेतु प्रदान किया। संचालन प्रधानाचार्य शैलेन्द्र व्यास ने किया। अतिथि परिचय स्वागत उद्बोधन संजय अष्ठाना ने दिया। आभार प्रदर्शन पुरूषोत्तम विष्णु चिंतन ने किया। अतिथि द्वारा सांस्कृतिक, खेल, शैक्षणिक प्रतिभाओं को पुरस्कृत किया गया