फ्लोर टेस्ट से पहले मानी हार, कमलनाथ ने दिया इस्तीफा

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस्तीफा दे दिया है, प्रेस वार्ता में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा ने लोकतंत्र की हत्या की है,मध्य प्रदेश में 17 दिन से जारी सियासी घमासान के बीच शुक्रवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेस की। उन्होंने कहा कि भाजपा को 15 साल मिले। मुझे 15 महीने मिले। आप सब जानते हैं कि महीनेभर में जब हमारी सरकार बनी थी तो हर 15 दिन में भाजपा नेता कहते थे कि ये सरकार पंद्रह दिन-महीनेभर की सरकार है। कमलनाथ की प्रेस कॉन्फ्रेस के पहले भाजपा विधायक शरद कोल ने भी इस्तीफा दे दिया। स्पीकर ने कोल का इस्तीफा स्वीकार करने की जानकारी दी। हालांकि, भाजपा ने दावा किया कि कोल ने इस्तीफा नहीं दिया है।


कमलनाथ ने कहा, ‘‘11 दिसंबर 2018 को मध्यप्रदेश विधानसभा का परिणाम आया। मेरे 40 साल के राजनीतिक जीवन में मैंने हमेशा विकास में विश्वास रखा है। भाजपा को 15 साल मिले। मुझे 15 महीने मिले। ढाई महीने लोकसभा चुनाव और आचार संहिता में गए। प्रदेश का हर नागरिक गवाह है कि भाजपा को प्रदेशहित में किए गए मेरे काम रास नहीं आए। बौखलाहट में वे मेरे खिलाफ साजिश करते रहे, महीनेभर में जब हमारी सरकार बनी थी तो हर 15 दिन में भाजपा नेता कहते थे कि ये सरकार पंद्रह दिन-महीनेभर की सरकार है।’’


‘‘आज हमारे 22 विधायकों को प्रलोभन देकर बंधक बनाने का काम किया है। करोड़ों रुपए खर्चकर प्रलोभन का खेल खेला गया। आज पूरा प्रदेश इसका गवाह है। एक महाराज और उनके द्वारा प्रोत्साहित 22 लोभियों के साथ मिलकर भाजपा ने लोकतंत्र की हत्या की है। प्रदेश की जनता के साथ धोखा करने वाले इन लोभियों और बागियों को जनता कभी माफ नहीं करेगी।’’


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