मौत के खौफ के बीच संवेदनाओं की मौत न हो, इस जुनून के साथ सेवाधाम ने वितरित किये 30 हजार से ज्यादा भोजन के पैकेट


उज्जैन। अपनी जान की परवाह किए बगैर सेवाधाम आश्रम के कर्मवीरों ने अब तक 30 हजार से ज्यादा भोजन के पैकेट्स बांटकर जरूरतमंदों की भूख मिटाई। भोजन के साथ-साथ 5 टन से ज्यादा कच्ची हरि सब्जियां और 70 हजार मीठे केक (येलो डायमंड) का वितरण भी किया जा चुका है। यह वितरण पूर्ण पारदर्शिता के साथ कुष्ठधाम हामूखेड़ी, गलचिया बस्ती, नागझिरी पुलिस चेक पाईंट, कमेड़, नृसिंह घाट, वार्ड 3, 33, 19 40, 52, 43 आदि  के साथ ऐसे लोगों को भी किया जो लॉकडाउन के कारण शहर में फंस गए।
सेवाधाम संस्थापक सुधीरभाई ने बताया कि प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष लगभग 50 से ज्यादा सेवाभावी इस कार्य में लगे हैं। भोजन बनाने से पहले भोजनशाला को सेनेटाइज किया जाता है। फिर आश्रम में ही रहने वाले श्री राम कृष्ण बाल गृह के बालक और  मां शारदा बालिका गृह की बालिकाओं के साथ गठित टीम भोजन बनाने में जुट जाती है। भोजन बनने के बाद आश्रम भोजन शाला , सड़क मार्ग, गलियारे, द्वार सभी सेनेटाइज कर आश्रम के वाहन को भी  वितरण हेतु भेजे जाने से पूर्व सेनाटाइज कर रहे हैं। वितरण कार्य में  कपिल खत्री , अंकित चोबे ,मयंक सोनी, जयंत गरूढ़, हर्ष केसवानी, कमल कांत राजौरिया, विकास मालवीय, जितेन्द्र सिसौदिया आदि के साथ सेवाधाम के सारथी उपेन्द्र चौहान, धर्मेन्द्र प्रजापत, डॉ. सचिन गोयल, बाबूलाल चंदेल अपनी जान की परवाह किए बगैर भोजन बांटते हैं। सेवाधाम द्वारा वितरित भोजन के पैकेट्स के साथ प्रतिदिन अलग-अलग सब्जियां कद्दू, भिंडी, टमाटर, लौकी आदि दी जाती है। खासबात यह रहती है कि सेवाधाम के भोजन वाहन का इंतजार बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक करते हैं। वाहन देखते ही भोजन सेवा का लाभ लेने वाले सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए भोजन के पैकेट्स प्राप्त करते हैं। सुधीर भाई ने बताया कि पैकिंग मटेरियल से लगाकर आश्रम से 20-25 किलोमीटर दूर तक भोजन वितरण करना मुश्किल नजर आया लेकिन सेवकों की इच्छा से यह कार्य संपन्न किया जा रहा है। आश्रम के 30 से ज्यादा बच्चे जिनके सिर पर अपनों का हाथ नहीं वे अनजानों के लिए 8 से 10 घंटे काम कर रहे हैं।


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