स्टडी में ये सामने आया है कि कोरोना से ठीक होने वाले मरीज कुछ ही समय में अपनी इम्यूनिटी खो देते हैं. यानी उनके दोबारा संक्रमित होने का खतरा पैदा हो जाता है

कोरोना वायरस पर दो देशों में दो स्टडी हुई हैं. दोनों के नतीजे लगभग एक जैसे है. ये नतीजे आने वाले दिनों में कोरोना से राहत मिलने की उम्मीद को तोड़ने वाले हैं. पहली स्टडी स्पेन में हुई है और दूसरी ब्रिटेन में. दोनों .स्पेन की स्टडी में ये भी पता चला कि जो लोग कोरोना संक्रमित होने के बाद बिना लक्षण के थे, उनमें एंटीबॉडीज जल्दी खत्म हो गईं. नई स्टडी के बाद हर्ड इम्युनिटी की उम्मीदों को झटका लगा है


ब्रिटेन में की गई स्टडी में ये भी सामने आया कि कोरोना से संक्रमित होने वाले 2 से 8.5 फीसदी मरीजों में कोरोना एंटीबॉडीज डेवलप ही नहीं होती हैं. वहीं, इन दोनों स्टडीज के नतीजे के बाद यह भी सवाल उठने लगा है कि कोरोना वैक्सीन कितने वक्त तक लोगों को सुरक्षित रख पाएंगी? किंग्स कॉलेज लंदन के डॉक्टर केटी डूर्स कहते हैं कि वैक्सीन की एक खुराक काफी नहीं होगी. बार-बार वैक्सीन देने की जरूरत होगी.स्पेन की स्टडी में शामिल डॉ. रकील योती ने कहा- 'इम्युनिटी अधूरी हो सकती है. इम्युनिटी अस्थाई भी हो सकती है. यह कम समय के लिए हो सकती है और गायब भी हो सकती है. हम सबको खुद को सुरक्षित रखना चाहिए और अन्य लोगों की भी रक्षा करनी चाहिए.'