मोबाईल की दुकान के सामान हेतु दहेज की मांगकर, दहेज मृत्यु करने वाले आरोपीगण को 10 वर्ष कठोर कारावास की सजा*

  • उज्जैन


 न्यायालय श्रीमान जफर इकबाल अपर सत्र न्यायाधीश-तहसील बड़नगर जिला उज्जैन के न्यायालय द्वारा आरोपीगण 01. संदीप पिता शांतिलाल, उम्र- 25 वर्ष 02. शांतिलाल पिता शंकरलाल, उम्र- 46 वर्ष 03. संतोषबाई पति शांतिलाल, उम्र- 44 वर्ष, निवासीगण- ग्राम अमला, तहसील बडनगर को 304-बी भादवि में 10 वर्ष व 306 भादवि में 05 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000/- रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया है।


       उप-संचालक अभियोजन डॉ0 साकेत व्यास ने बताया कि घटना इस प्रकार है कि दिनांक 14.11.2018 पर थाना बड़नगर पर सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम अमला में शीला नाम की महिला ने फांसी लगा ली है। बड़नगर अस्पताल में उसको मृत घोषित कर दिया था। इस सूचना पर थाना बड़नगर द्वारा मर्ग कायम कर मर्ग जॉच गई। जॉच के दौरान साक्षीगण नेे कथनों में बताया कि मृतिका का विवाह दिनांक 21.02.2015 को अभियुक्त संदीप के हुआ था। शादी के दो साल बाद सबकुछ सही रहा उसके बाद मृतिका के पति संदीप, सास संतोष बाई, ससुर शांतिलाल द्वारा मृतिका से घर का सामान लाने के लिए दहेज की मांग करने लगे एवं संदीप की मोबाईल शॉप की दुकान के सामान के लिए पॉच लाख रूपये मांगकर उसे शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताडित करने लगे। इस कारण मृतिका द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या की गई। मृतिका के पास एक सुसाईड नोट भी मिला, जिसमें उसने अभियुक्तगण को उसकी मौत का जिम्मेदार बताया। पुलिस द्वारा अभियुक्तगण के विरूद्ध अपराध पजीबद्ध कर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया था। 


_दण्ड का प्रश्नः_- अभियुक्तगण द्वारा दण्ड के प्रश्न पर न्यायालय से निवेदन किया कि उन्हे न्यूनतम दण्ड से दण्डित किया जाये। 


अभियोजन अधिकारी श्री कलीम खान द्वारा न्यायायल से निवेदन किया कि अभियुक्तगण को अधिकतम दण्ड से दण्डित किया जाये। 


_न्यायालय की टिप्पणीः_- प्रकरण में कारित अपराध न केवल एक महिला के विरूद्ध कारित अपराध है, बल्कि सम्पूर्ण समाज के विरूद्ध किया गया ऐसा अपराध है, जिससे सामाजिक तानावाना प्रभावित होता है और साथ ही समाज का एक महत्वपूर्ण अंग जिसे हम परिवार कहते है, उस पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। आरोपीगण को ऐसे दण्डादेश दण्डित करना उचित होगा जिससे जाने वाले संदेश से समाज में महिलाओं प्रति विशेषकर बहुओं के प्रति न केवल संवेदनशीलता बढ़े बल्कि उनके द्वारा अनुभव की जाने वाली कठिनाईयों को भी समाज समझ सके। जानकारी अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी श्री मुकेश कुमार कुन्हारे ने दी। 


प्रकरण में पैरवी श्री कलीम खान, एजीपी तह0 बड़नगर जिला उज्जैन द्वारा की गयी।