अनैतिक देह व्‍यापार करने वाले आरोपीगण का जमानत आवेदन निरस्‍त, भेजा जेल

जिला अभियोजन अधिकारी मो. अकरम शेख द्वारा बताया गया कि, न्‍यायालय श्री कमलेश कुमार सोनी न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट प्रथम श्रेणी इंदौर के समक्ष थाना द्वारकापुरी के अप.क्र.511/2020 धारा 3, 4, 5, 6, 7 अनैतिक व्‍यापार (निवारण) अधिनियम 1956 में गिरफ्तारशुदा आरोपी नारायण मकवाना एवं अन्‍य छ: आरोपियाओ को पेश किया गया एवं न्‍यायिक अभिरक्षा (जेल) भेजे जाने का निवेदन किया गया उसी समय सभी आरोपीगण द्वारा जमानत आवेदन प्रस्‍तुत किया गया और जमानत पर छोडे जाने का निवेदन किया गया। अभियोजन की ओर से एडीपीओ अमिता जायसवाल द्वारा जमानत आवेदन का विरोध करते हुए तर्क रखे गए कि यदि आरोपीगण को छोडा गया तो वह पुन: उसी अपराध में संलिप्‍त हो जायेगे एवं आरोपीगण के फरार होने की संभावना है एवं अपराध गंभीर प्रकृति का है अत: आरोपीगण का जमानत आवेदन निरस्‍त किया जाना चाहिए। न्‍यायालय द्वारा तर्को से सहमत होते हुए आरोपीगण का जमानत आवेदन निरस्‍त करते हुए जेल भेजे जाने का आदेश दिया गया।  


अभियोजन की कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि थाने पर मुखबीर से सूचना आई कि प्रजापत नगर में एक महिला अपने साथी के साथ उसके घर पर बाहर से पुरूषो को बुलाती है और अवैध धन लाभ कमाने के लिए अनैतिक देह व्‍यापार का काम कर रही है सूचना पर से विश्‍वास कर हमराही फोर्स को लेकर राहगीर पंचानों को सूचना से अवगत कराया एवं बताये स्‍थान पर पहुंचे जहां पर हमराही फोर्स में से एक व्‍यक्ति को ग्राहक बनाकर उक्‍त घर में भेजा, सूचना सही होने पर पूरी टीम ने दबिश देकर उक्‍त मकान में छ: महिलाओं व एक पुरूष को अनैतिक कृत्‍य करते हुए पकडा, उक्‍त आरोपियों से पूछताछ की तो उन्‍होने बताया कि बाहर से पुरूषो को बुलाकर अनैतिक देह व्‍यापार का काम धन कमाने के लिए करते है। उक्‍त घर में अनैतिक व्‍यापार से संबंधित अश्‍लील वस्‍तुएं मिली जिन्‍हे मौके पर ही जप्‍त किया गया एवं आरोपीगण को गिरफ्तार कर वापिस थाने आएं, जहां आरोपियों के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।