दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त की मॉ एवं भाई की जमानत निरस्त

शादी का झांसा देकर रूपये ऐठने वाले अभियुक्त की सेशन न्यायालय ने भी की जमानत निरस्त


 न्यायालय श्रीमान अरविंद रघुवंशी, अष्टम अपर सत्र न्यायाधीश महोदय, जिला उज्जैन के न्यायालय द्वारा अभियुक्त चन्द्रकांत मण्डलोई पिता रमेशचंन्द्र निवासी फिफरी रैयत तहसील पुनासा, खण्डवा का जमानत आवेदन निरस्त किया गया


 उप-संचालक अभियोजन डॉ0 साकेत व्यास ने बताया कि घटना इस प्रकार है कि वर्ष 2019 को फरियादिया कमलाबाई ने श्रीमान पुलिस महानिरीक्षक जोन उज्जैन की जनसुनवाई में एक आवेदन दिया था कि मेरे छोटे पुत्र चंद्रशेखर कुमारिया जिसकी उम्र-29 साल है, उसका विवाह करने की बातचीत को मैने कई लोगो से बोला था। कालीबाई जो काला पत्थर की निवासी है उसने मेरे को कहां कि चलो लडकी देख लेते है, उसके कहने पर हम बलावाडा गये, कालीबाई भी साथ थी, उसके हमको 17.12.2019 को बलवाडा वाले दादा से मिलवाया फिर हम वहां से ओमकारेश्वर गये वहां से खण्डवा गये, वहां राकेश व आनन्द नाम के व्यक्ति मिले वे हम सभी को लेकर पण्डित उर्फ चंन्द्रकांत मण्डलोई के पास ले गये, फिर हमे लड़की आशा दिखाई गई, उसके बाद हम उज्जैन आ गये और लड़की से विवाह की लिखा-पढी की नोटरी करवाई तथा 18 दिसम्बर 2019 को घर आ गऐ, वह लड़की हमारे घर एक रात की दुल्हन बनकर आई और दिनांक 19 दिसम्बर 2019 समय 09ः55 बजे समय दुल्हन सीधे टेªन में बैठकर भाग गई। विवाह में मैने अपनी बहू को 10000/- रूपये का मंगलसूत्र दिया था। पण्डित उर्फ चंद्रकांत ने शादी के लिए 80,000/-रूपये एैठे थे। विवाह में कुल 1,30,000/- रूपये की धोखाधडी हुई है। 


 अभियुक्त चन्द्रकांत द्वारा न्यायालय में जमानत आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा अभियोजन की ओर तर्क किये व जमानत आवेदन का विरोध किया गया। न्यायालय द्वारा अभियोजन के तर्को से सहमत होकर अभियुक्तगण का जमानत आवेदन निरस्त किया गया।  


 प्रकरण में शासन की ओर से श्री शांतिलाल चौहान, एजीपी, जिला उज्जैन द्वारा पैरवी की 


आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने वाली पत्नी एवं पत्नी की मां के जमानत आवेदन निरस्त*


 न्यायालय श्रीमान सुनील मालवीय, अपर सत्र न्यायाधीश महोदय, बड़नगर, जिला उज्जैन के न्यायालय द्वारा अभियुक्तागण 01. सागरबाई पति बालाराम, निवासी-ग्राम अमला, तहसील बडनगर, जिला उज्जैन, 02. निर्मला पति स्व. ईश्वरजी, निवासी- ग्राम तिलगारा तहसील बदनावर, हालमुकाम अमला, जिला उज्जैन का जमानत आवेदन निरस्त किया गया।  


 उप-संचालक अभियोजन डॉ0 साकेत व्यास ने बताया कि घटना इस प्रकार है कि मृतक ईश्वर पिता सेवाराम निवासी, तिलगारा की जॉच सउनि एमएस चौहान द्वारा की गई। मर्ग जांच में ईश्वर के परिजन के कथन लिये गये। साक्षीगण ने कथन में बताया कि ईश्वर की शादी दिनांक 05.05.2020 को निर्मला के साथ हुई थी। शादी के बाद बालाराम द्वारा समय समय पर मृतक ईश्वर और उसके परिजनों पर दबाव बनाकर टुकडों-टुकडों में करीब 25000/- रूपये लिए थे। शादी के बाद ईश्वर और निर्मला दोनों रतलाम काम करने चले गए। घटना के 15-20 दिन पूर्व ईश्वर उसकी पत्नी निर्मला को ग्राम अमला में उसके पीयर छोडकर रतलाम चला गया था और परिवार वालों को फोन पर बताया कि निर्मला के पिता जी ने कहा है, लड़की को यहा छोड जावें बाद में लेकर चले जाना, दिनांक 06.07.2020 को ईश्वर ने उसके भाई सुरेश को फोन पर बताया की वह उसकी भाभी को लेने ग्राम अमला आया था तो उसकी भाभी, उसके पिता बालाराम, उसकी मां सागरबाई, भाई अर्जुन सभी बोले की तुम निर्मला को ले जाकर क्या करोगे, काम तो कुछ नहीं कर पाते हो, क्या तुम नमर्द हो और निर्मला बोली कि तुम शारीरिक रूप से सक्षम नहीं है और बोले 15000/- रूपये लेकर आओं, तभी भेजेंगे नहीं तो कहीं जाकर मर जाओं, इस प्रकार ईश्वर को मानसिक रूप से प्रताडित किया गया। करीब 10ः30 बजे नाथूलाल निवासी नयापाडा ने ईश्वर के परिजनों को फोन करके बताया कि ईश्वर ने कुछ खा लिया है और अमला में बालाराम के घर के बाहर दरवाजे के सामने बाडे में गिर गया है, जिस पर ईश्वर के परिजन उसे उपचार हेतु सी.एच. बदनावर ले गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया गया। थाना बड़नगर पर प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध की गई।  


 अभियुक्तागण द्वारा न्यायालय में जमानत आवेदन प्रस्तुत किया गया था। अभियोजन अधिकारी द्वारा जमानत आवेदन का विरोध करते हुये तर्क किये किये कि अभियुक्तागण द्वारा मृतक को आत्महत्या करने के लिए दुष्प्रेरित कर गंभीर अपराध किया। न्यायालय द्वारा अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर अभियुक्तागण का जमानत आवेदन निरस्त किया गया।       


प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी श्री कलीम खान, एजीपी, बड़नगर जिला उज्जैन द्वारा पैरवी की गई


   दुष्कर्म करने वाले अभियुक्त की मॉ एवं भाई की जमानत निरस्त


 न्यायालय श्रीमान जफर इकबाल, अपर सत्र न्यायाधीश, बडनगर, जिला उज्जैन के न्यायालय द्वारा अभियुक्तगण 01. ओम पिता राजेश ठाकुर, 02. श्रीमती कविता पति राजेश, निवासीगण- बालाजी नगर पानी गेट बडोदरा, गुजरात का जमानत आवेदन निरस्त किया गया। 


  उप-संचालक डॉ0 साकेत व्यास (अभियोजन) ने घटना अनुसार बताया कि दिनांक 09.04.2019 को फरियादी ने थाना इंगोरिया में प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध कराई कि मेरे भाई की लडकी (पीडिता) उम्र 16 वर्ष जो कि उज्जैन के स्कूल में पडती है और घर से रोजाना आती-जाती थी, पीडिता के मामा भी उज्जैन में रहते है। पीडिता अपने मामा के घर उज्जैन में आती-जाती रहती थी। उसके उज्जैन के मामा के रिश्तेदार जो की बडोदरा गुजरात में रहते है, उनके पहचान का लडका प्रिंस भी पीडिता के मामा के घर उज्जैन में आता-जाता रहता था। वही पीडिता की अभियुक्त प्रिंस से जान पहचान हो गई थी। पीडिता दिनंाक 08.04.2019 को रात करीब 11ः30 बजे घर से बिना बताये कही चली गई थी और साथ में मार्कशीट, आधार कार्ड, कुछ रकम व 5 हजार रूपये ले गई, उसे शंका है कि प्रिंस मेरी नाबालिक भतीजी को बहलाफुसलाकर कही पर लेकर गया है। इस पर थाना इंगोरिया द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध की गई थी। विवेचना के दौरान पीडिता (अभियोक्त्री) को दिनांक 15.08.2019 को दस्तयाब किया गया। उसके कथन लेखबद्ध किये गये। जिसके आधार पर अभियुक्तगण प्रिंस, ओम, सानू उर्फ सवित्री बाई, कविता, आजाद उर्फ अज्जू पिता लियाकत एवं सोनू शर्मा को अभियुक्त बनाया गया। अभियुक्ता कविता, प्रिंस की मॉ है, ओम प्रकाश प्रिंस का भाई है। काविता ने पीड़िता को परेशान किया था, ओमप्रकाश ने पीडिता के साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की। अभियुक्तगण के विरूद्ध पुलिस थाना इंगोरिया पर अपराध पंजीबद्ध किया गया।


अभियुक्तगण द्वारा न्यायालय में जमानत आवेदन प्रस्तुत किया गया था, अभियोजन अधिकारी द्वारा जमानत का विरोध करते हुये तर्क किये कि अवयस्क बालिका के साथ गंभीर अपराध कारित किया गया। न्यायालय द्वारा अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर अभियुक्तगण का जमानत आवेदन निरस्त किया गया। 


    प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी श्रीमती भारती उज्जालिया, एडीपीओ, बडनगर जिला उज्जैन द्वारा पैरवी की गई।