कुलाधिपति एवं राज्यपाल, आनन्दीबेन पटेल की अध्यक्षता में होगा 20 फरवरी 2021 को चौबीसवें दीक्षान्त समारोह


यू.जी.सी. के चेयरमैन प्रो. डी.पी. सिंह देंगे दीक्षान्त भाषण

सम्मानीय अतिथि डा. मोहन यादवमंत्रीउच्च शिक्षाश्री अनिल फिरोजियासंसद सदस्यलोकसभाश्री पारसचन्द्र जैनविधायकम.प्र. विधानसभा होंगे

विक्रम विश्वविद्यालय के चौबीसवें दीक्षान्त समारोह का आयोजन दिनांक 20 फरवरी 2021 को

विक्रम विश्वविद्यालयउज्जैन द्वारा चौबीसवें दीक्षान्त समारोह का आयोजन दिनांक 20 फरवरी 2021 अपराह्ण 3.00 बजे विश्वविद्यालय के स्वर्ण जंयती सभागार में होगा। इस समारोह की अध्यक्षता कुलाधिपति एवं राज्यपालमध्यप्रदेश माननीया आनन्दीबेन पटेल करेंगी। समारोह के मुख्य अतिथि माननीय प्रो. डी.पी. सिंहचेयरमेनविश्वविद्यालय अनुदान आयोगनई दिल्ली होंगे। सम्मानीय अतिथि माननीय डा. मोहन यादवमंत्रीउच्च शिक्षाम.प्र. शासनमाननीय श्री अनिल फिरोजियासंसद सदस्यलोकसभामाननीय श्री पारसचन्द्र जैनविधायकम.प्र. विधानसभा होंगे। प्रो. अखिलेश कुमार पाण्डेयकुलपतिविक्रम विश्वविद्यालयउज्जैन विद्यार्थियों को आशीर्वचन प्रदान करेंगे। कुलपति एवं कार्यपरिषद् के सदस्यों ने विश्वविद्यालय के चौबीसवें दीक्षान्त समारोह 2021 में प्रबुद्धजनों को सादर आमंत्रित किया है। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा 5 करोड़ की लागत से परीक्षा एवं गोपनीय भवन का लोकार्पण किया जाएगा। कुलाधिपति एवं राज्यपालमध्यप्रदेश माननीया आनन्दीबेन पटेल द्वारा भारतरत्न महामना मदन मोहन मालवीय जी की प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा।

यह जानकारी देते हुए विक्रम विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. उदय नारायण शुक्ल ने बताया कि विक्रम विश्वविद्यालयउज्जैन द्वारा दिनांक 20 फरवरी को आयोजित चौबीसवें दीक्षांत समारोह में सम्मिलित होने वाले पंजीकृत विद्यार्थियों संख्या अब तक 342 हो गई है। इनमें स्नातक गोल्ड मेडल प्राप्तकर्ता 34, स्नातकोत्तर गोल्ड मेडल प्राप्तकर्ता 69 एवं पीएचडी उपाधि प्राप्त कर्ता 239 शामिल हैं।

दीक्षान्त समारोह में सम्मिलित होने वाले समस्त विद्यार्थियों से आग्रह है कि शासन के निर्देशों के अनुरूप सोश्यल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य होगा। अपने साथ फोटो परिचय पत्र भी लाएँ। अपराह्ण 2.00 बजे तक अपना स्थान ग्रहण कर लें। दीक्षान्त समारोह की अवधि में अपना मोबाइल फोन बंद रखें। बैगब्रीफकेसखाद्य पदार्थ इत्यादि वर्जित है। समारोह के समापन पर माननीया कुलाधिपतिमुख्य अतिथिसम्माननीय अतिथि एवं अकादमिक शोभायात्रा के प्रस्थान के पश्चात् ही अपना स्थान छोड़ें।