राष्‍ट्र के उत्थान के लिए चिंतन आवश्‍यक :- वंदनीय शांता अक्‍का


राष्‍ट्र सेविका समिति का प्रकटोत्‍सव कार्यक्रम संपन्‍न हुआ
 
उज्‍जैन ।राष्‍ट्र सेविका समिति के उज्‍जैन महानगर द्वारा प्रमुख संचालिका वंदनीय माननीय सुश्री शांता अक्‍का जी के आगमन पर सरस्‍वती शिशु मंदिर महाकालेश्‍वर पुरम में प्रकटोत्‍सव का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें समिति की बहनों द्वारा घोष वाद्य वादन का प्रदर्शन, गीत के साथ गणसमता (कदमताल) व्‍यायाम योग आदि का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में उज्‍जैन के अतिरिक्‍त नागदा एवं रतलाम की बहनों ने भी हिस्‍सा लिया। कार्यक्रम की अध्‍यक्षता डॉ. शशिकला रावल ने की जिन्‍होंने 80 वर्ष की आयु में पी.एच.डी. की डिग्री प्राप्‍त की है।
कार्यक्रम मुख्‍य वक्‍ता व राष्‍ट्र सेविका समिति की प्रमुख संचालिका वंदनीय सुश्री शांता अक्‍का जी ने कहा कि, राष्‍ट्र के उत्थान के लिए चिंतन आवश्‍यक होता है। राष्‍ट्र कार्य के लिए विचार करते हुए अपने व्‍यक्तित्‍व को विकसित करना है। पूरे भारत में जहां तपती धूप में बहनें समिति का कार्य कर रहीं है, उस कार्य में गति देने तथा संरक्षण हेतु चिंतन और देखने की प्रक्रिया दोनों आवश्‍यक है। चिंतन को जीवन के आचरण में लाना आवश्‍यक है व प्रेरित करना तथा राष्‍ट्र उत्‍थान के लिए माताओं बहनों को साथ लेकर चलना ही समिति का लक्ष्‍य है। आईये हमको यह राष्‍ट्र मिला है इसको मिलकर तेजस्‍वी बनाएं हम भाग्‍यशाली है हमको इस राष्‍ट्र में जन्‍म लेने का अवसर प्राप्‍त हुआ है। जिसकी आचार पद्धति इतनी उच्‍च है कि, पूरा विश्‍व भारत के समक्ष नत मस्‍तक है। वंदनीय अक्‍का ने बताया कि, राष्‍ट्रीय सेविका समिति 1936 से राष्‍ट्र की आधारशीला है भारत के अतिरिक्‍त अन्‍य 16 देशों में भी भारतीय संस्‍कृति के संरक्षण का कार्य कर रही है  वहां परिवार शाखाएं संचालित होती है जिसे हिन्‍दु सेविका समिति के नाम से जाना जाता है। वहां भी अंग्रजों द्वारा अपनी भारतीय परंपरा और पद्धति का सम्‍मान किया जाता है। नि:स्‍वार्थ होकर सबके हित के बारे में सोचाना व तेजस्‍वी हिन्‍दु राष्‍ट्र का पुर्ननिर्माण करना ही अपना लक्ष्‍य होना चाहिए। सब मिलकर कार्य करने से समाज में सकारात्‍मक कार्य होगा।
इस अवसर पर समिति की प्रान्‍त सहकार्यवाहिका सुश्री भारती कुशवाह, प्रान्‍त बौद्धिक प्रमुख सुश्री प्रतिभा सोनटक्‍के, विभाग कार्यवाहिका श्रीमती रमा पण्‍ड्या, सह कार्यवाहिका श्रीमती दीपा केवलिया, उज्‍जैन जिला कार्यवाहिका श्रीमती पिंकी आर्य आदि उपस्थित थे। व्‍यक्तिगत गीत श्रीमती लीना श्रीवास द्वारा लिया गया। शाखा संचालन श्रीमती निधि शर्मा व मंच संचा‍लन श्रीमती फाल्‍गुनी बियानी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में 150 बहनों ने भाग लिया।
भारतमाता मंदिर के ध्‍यान केन्‍द्र में प्रात: 11 बजे प्रमुख संचालिका वंदनीय माननीय सुश्री शांता अक्‍का जी की अध्‍यक्षता में प्रबुद्ध संगोष्‍ठी व चर्चा सत्र का आयोजन किया गया। जिसमें समाज के सभी प्रबुद्ध महिलाओं द्वारा भाग लिया गया।


Popular posts
बेटे के वियोग में गीत बनाया , बन गया प्रेमियों का सबसे अमर गाना
Image
उज्जैन कलेक्टर के खाते में एक और बड़ी उपलब्धि,,,130 करोड़ रुपये कीमत की 3 हेक्टेयर जमीन शासकीय हुई,,,,पूर्णिमा सिंघी, प्रमोद चौबे और श्री राम हंस यह है तीन आधार स्तंभ जिनकी मेहनत और सच्चाई रंग लाई
Image
11 वर्षो से महाकालेश्वर से बोरेश्वर महादेव की यह यात्रा अनवरत जारी है
इस स्वतंत्रता दिवस, चलिए प्लास्टिक से होते हैं स्वतंत्र
Image
वदतु संस्कृतं, जयतु भारतं,,,,,,,,, संस्कृत एवं भारतीय संस्कृति को समूचे विश्व में फैलाना है, महर्षि पाणिनि संस्कृत विश्वविद्यालय का प्रथम दीक्षांत समारोह सम्पन्न,
Image