श्रद्धालु ने महाकाल मंदिर मैं चल रही भभूत और सिक्के की दुकान पर आपत्ति जताई

उज्जैन।श्री महाकालेश्वर मंदिर व्यवस्थाओं को लेकर और वहां चल रही दुकानदारी को लेकर एक श्रद्धालु ने फेसबुक पर न सिर्फ आपत्ति जताई बल्कि मंदिर के व्यवसायीकरण को लेकर सवाल भी उठाए श्रद्धालुओं ने कहा कि बहुत समय बाद कल फिर से महाकाल बाबा के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
किंतु साथ ही साथ एहसास हुआ कि महाकालेश्वर मंदिर अब केवल मंदिर नही रहा।
शासकीय कार्यालय और व्यापारिक स्थल बन गया है।
शासकीय कार्यालय इस लिए क्योंकि की यहाँ भी आप अधिक धन (रिश्वत) देकर मन मर्जी के दर्शन कर सकते अब उसके बदले चाहे कतार में आकर दर्शन करने वाले लोगों में से कुछ दर्शन से वंचित भी हो जाये तो चलेगा।
और व्यापारिक स्थल इस लिए क्यों कि मंदिर के अंदर ही(ओंकारेश्वर महादेव) ताबीज़, सिक्के और भभूत/भस्म इत्यादि को 100 के 3 के ऑफर के साथ बेचा जा रहा है। मंदिर प्रशासन को चाहिए कि वह मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधाओं को देखते हुए वहां चल रही दुकानदारी को बंद करवाएं।