आर्थिक आपातकाल के कयास निराधार

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:00 बजे देश के नाम अपना छटा संबोधन देंगे, इस बीच सोशल मीडिया पर यह खबर शेयर की जा रही है कि देश में आर्थिक आपातकाल लग सकता है हालांकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि अभी फाइनेंसियल इमरजेंसी लगाने का कोई प्लान नहीं है। उल्लेखनीय है कि अनुच्छेद 360 के तहत आर्थिक आपातकाल की घोषणा राष्ट्रपति उस वक्त कर सकते हैं, जब उन्हें लगे कि देश में ऐसा आर्थिक संकट बना हुआ है, जिसके कारण भारत के वित्तीय स्थायित्व या साख को खतरा है।


दरअसल, आर्थिक स्थिति बदतर होने पर या फिर सरकार दिवालिया होने के कगार पर आ जाती है, या फिर भारत की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त होने की कगार पर आ जाती है, तब इस आर्थिक आपातकाल के अनुच्छेद का इस्तेमाल किया जा सकता है।