कोरोना वायरस से सम्बन्धित जानकारी देने के लिये हैल्पडेस्क नम्बर 0755-104 स्थापित

कोरोना वायरस की जानकारी देने के लिये जिलों में जागरूकता कैम्प लगाये जायें -मुख्य सचिव


उज्जैन । प्रदेश के मुख्य सचिव श्री एम.गोपाल रेड्डी ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी संभाग के कमिश्नर्स एवं सभी जिलों के कलेक्टर्स तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को कोरोना वायरस से बचाव से सम्बन्धित उपाय करने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी जिलों द्वारा कोरोना वायरस से पीड़ित व्यक्तियों के उपचार के लिये अब तक जुटाये गये संसाधन एवं तैयारियों की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि कोरोना वायरस का वर्तमान में प्रदेश में एक भी मरीज नहीं है, लेकिन इसके बावजूद हमें कोरोना वायरस से सतर्क एवं सावधान रहने की आवश्यकता है। कोरोना वायरस से बचाव के लिये सभी उपाय अपनाने की भी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि लर्निंग के माध्यम से कोरोना वायरस से बचाव के प्रयास भी किये जायेंगे। उन्होंने सभी जिलों के कलेक्टर्स को निर्देश दिये कि वे अपने जिलों में लोगों को जागरूक करने के लिये जागरूकता कैम्प चलायें। मन्दिर एवं मस्ज़िद के बाहर पेम्पलेट का वितरण कर कोरोना वायरस के प्रति लोगों को सजग किया जाये। उन्होंने कहा कि प्रारम्भिक उपाय के तहत स्कूल, कॉलेज, आंगनवाड़ी, सिनेमा हॉल आदि बन्द किये गये हैं। जिला प्रशासन कोरोना वायरस को काबू करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के उपचार के दौरान कई समस्याएं भी सामने आयेंगी, जिसे हमें डील करना है।
बताया गया कि कोरोना वायरस से प्रभावित लोगों की जानकारी देने एवं कोरोना से सम्बन्धित जानकारी प्राप्त करने के लिये भोपाल में एक हैल्पडेस्क बनाया गया है, जिसका नम्बर 0755-104 है, जो चौबीस घंटे कार्यरत है। बनाये गये हैल्पडेस्क में कोई भी व्यक्ति कोरोना के लक्षण परिलक्षित होने पर इसकी जानकारी ले सकेगा। प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण श्रीमती पल्लवी जैन गोविल ने बताया कि वर्तमान समय में इसकी पूरी संभावना है कि प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति की आवक हो सकती है। उन्होंने कहा कि कुछ उपाय करके इससे बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन इस बात का ध्यान रखे कि सार्वजनिक जगहों पर अनावश्यक जमावड़ा न हो। उन्होंने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिये कि वे अपने-अपने जिले में आईसोलेशन वार्ड तैयार रखें। वेंटिलेटर, दवाईयां आदि की व्यवस्था भी सुनिश्चित करें। वार्ड में शौचालय, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था भी सुनिश्चित करें। इसके पूर्व सभी आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को पर्याप्त प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाये। इस बात का विशेष ध्यान रखा जाये कि कोरोना प्रभावित व्यक्ति को जिस स्ट्रेचर पर लाया जा रहा है, उसका इस्तेमाल दोबारा न हो। मेडिकल कॉलेज भी अपने स्टाफ की ट्रेनिंग सुनिश्चित करें। प्रमुख सचिव ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति में कोरोना वायरस के लक्षण पाये जाते हैं तो तत्काल उसका उपचार शुरू कर दिया जाये। उन्होंने निर्देश दिये कि सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी प्रतिदिन कोरोना वायरस से सम्बन्धित ब्रीफिंग दें।
केन्द्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव श्री विवेक अग्रवाल ने सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिये कि वे आम नागरिकों के बीच कोरोना वायरस के प्रति क्या-क्या सावधानी रखनी है, इसका पर्याप्त सन्देश प्रसारित करवायें। नगर पालिका एवं नगर निगम हाट बाजारों में वायरस के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिये एनाउंस करवायें। सभी कलेक्टर अपने अस्पतालों का भ्रमण कर लें। जिन जिलों में विदेशी यात्रियों की आवाजाही रहती है, उन जिलों के कलेक्टर अनिवार्य रूप से उन विदेशी यात्रियों की जांच करें। साथ ही होटल में यदि कोई बाहरी व्यक्ति रूकता है तो उसकी जानकारी भी पुलिस अधीक्षक एकत्रित करें। सभी कलेक्टर्स अपडेट देते रहें कि जिले में कोरोना वायरस से प्रभावित कितने व्यक्ति हैं और उनका उपचार कैसे किया जा रहा है। 
उज्जैन संभाग कमिश्नर श्री आनन्द कुमार शर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के पश्चात कलेक्टर श्री शशांक मिश्र को निर्देश दिये कि वे जिले में हैल्पडेस्क बनायें और हैल्पडेस्क का नम्बर प्रचारित करवायें। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.अनुसुईया गवली को निर्देश दिये कि वे आइसोलेशन वार्ड में सभी सुविधाएं मुहैया करायें। ग्राम पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायक तक भी यह मैसेज पहुंचाया जाये कि धार्मिक पर्वों के दौरान अनावश्यक जमावड़ा न हो। कमिश्नर ने प्रायवेट अस्पतालों के स्टाफ की ट्रेनिंग करने के भी निर्देश दिये। साथ ही जिला चिकित्सालय में वेंटिलेटर की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिये। आगामी दिनों में गेहूं उपार्जन किया जाना है। इसके सम्बन्ध में कमिश्नर ने निर्देश दिये कि यदि कोई किसान बीमार है तो वह उपार्जन केन्द्र तक न आये, अपितु किसी और के हाथ उपज भिजवाये। उन्होंने कहा कि इस आशय का एसएमएस भी किसानों तक पहुंचाया जाये।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान जिले के एनआईसी कक्ष में कमिश्नर श्री आनन्द कुमार शर्मा, पुलिस महानिरीक्षक श्री राकेश गुप्ता, डीआईजी श्री मनीष कपूरिया, कलेक्टर श्री शशांक मिश्र, पुलिस अधीक्षक श्री सचिन अतुलकर, अपर कलेक्टर श्री आरपी तिवारी एवं श्री क्षितिज सिंघल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.अनुसुईया गवली, संयुक्त संचालक स्वास्थ्य डॉ.लक्ष्मी बघेल सहित सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।