वन विहार में गणना के दौरान कोई बन्दर नहीं पाया गया

वन विहार में अब हैं लगभग डेढ़ हजार वन्य-प्राणी, वन्य-प्राणी गणना - 2020 के आँकड़े जारी


उज्जैन । भोपाल के वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में 26,27 और 28 फरवरी 2020 को की गई गणना में वन्य-प्राणियों की संख्या में बढ़ोत्तरी मिली है। इस वर्ष गणना के आधार पर वर्तमान में वन विहार में कुल 1485 वन्य-प्राणी हैं। वर्ष 2019 की गणना में यह संख्या 1442 और 2018 में 1388 थी। इस वर्ष बाघ, कछुआ, चीतल, सांभर, नीलगाय और काला हिरण की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। पिछले वर्ष 96 की अपेक्षा इस वर्ष बाड़ों में रखे जाने वाले वन्य प्राणियों की संख्या भी 113 हो गई है।
इस वर्ष की गणना के अनुसार वन विहार में 11 बाघ, एक सफेद बाघ, 6 सिंह, 10 तेन्दुआ, 23 भालू, दो इंडियन बॉयसन, दो हायना, 13 मगर, 3 घडियाल, 9 पहाड़ी और 33 जलीय कछुए हैं। क्वारेंटाइम्में 5 कछुए सहित स्वतंत्र रूप से विचरण करने वाले वन्य-प्राणियों की संख्या 1367 है। स्वतंत्र विचरण करने वाले वन्य-प्राणियों में 549 चीतल, 385 सांभर, 94 नील गाय, 43 जंगली सुअर, 47 सियार, 93 काला हिरण, 65 मोर, 5 चौसिंगा, एक चिंकारा, 37 लंगूर, 20 सेही, 6 खरहा, 4 नेवला, 15 बारहसिंगा और 3 जंगली बिल्ली हैं।
बाघ की संख्या वर्ष 2018 में 7, वर्ष 2019 में 9 और वर्ष 2020 11 हो गई है। पिछले वर्ष की तुलना में 3 पहाड़ी कछुए और 10 जलीय कछुए, 46 चीतल, 71 सांभर और 25-25 काला हिरण और नीलगाय बढ़े हैं। जबकि सिंह की संख्या 4 से बढ़कर 6, मगर की 12 से 13, बारहसिंगा की 14 से बढ़कर 15 हो गई है। जंगली सुअर की संख्या 54 से घटकर 43, सियार की 94 से घटकर 47 और लंगूरों की 73 से घटकर 37 हुई है। गणना में इस वर्ष 6 खरहा, 4 नेवला, एक चिंकारा की उपस्थिति भी दर्ज की गई है। वहीं सफेद बाघ, तेन्दुआ, इंडियन बॉयसन, हायना, घड़ियाल और जंगली बिल्ली की संख्या पूर्ववत है। वन विहार में गणना के दौरान कोई बन्दर नहीं पाया गया।