कोरोना रोग, कुदरत की चेतावनी - सन्त उमाकान्त महाराज


उज्जैन ( मप्र)


देश और दुनिया मे शाकाहार और जीव दया का प्रचार करने वाले पूज्य संत उमाकान्त जी महाराज ने हर जाती,धर्म,मज़हब के लोगों से प्रार्थना करते हुए कहा कि कर्म करना पड़ता है सब कुछ इसी दुनियां में संसार मे है सबकुछ इसी मनुष्य शरीर में है जो कुछ आदमी को मिलता है इसी मनुष्य शरीर मे रहते रहते मिलता है । शरीर छूटने के बाद कुछ नही मिलता,शरीर छूटने के बाद ना तो किसी को देवी देवताओं का दर्शन हुए ना स्वर्ग,बैकुंठ का आनंद मिला,ना कोई अनहद वाणी,वेद वाणी सुना, ना कोई भगवान के दर्शन कर पाया,और ना अपने घर जा पाया। शरीर छूटने के बाद तो कर्मो की सज़ा मिलने लगती है। आदमी को अगर सज़ा मिलने लग जाये तो भी एक चेतावनी समझना चाहिए कि हमसे गलती बन रही है कि जिसकी वजह से कुदरत हमको सज़ा दी रही है ।अब हम गलती ना करे कि जिससे वो फिर दोहरावे की वो सज़ा देने लग जाये। तो ये समझ लो वो होशियार कर रही है तो इस समय पर प्रेमियों ये जो कोरोना रोग फैला हुआ है ये क्या है ? ये चेतावनी है,कुदरत की चेतावनी है कि गलती करोगे तो तुमको सज़ा मिलेगी। दूसरों का हक छीनोगे तो तुमको सज़ा मिलेगी। आप समझों की दूसरों का भोजन खाओगे तो तुमको सज़ा मिलेगी।  ओर ये मनुष्य मन्दिर जो पूजा उपासना इबादत, प्रार्थना के लिए मिला है इससे अगर गुनाह करोगे तो सज़ा मिलेगी इसको गन्दा करोगे तो सज़ा मिलेगी। जो ये जिस्मानी मस्ज़िद है, ये पूजा का घर गिरजा घर है।जिसको गुरुद्वारा भी कहा गया। इसके अंदर के दरवाजे से गुरुओं का दर्शन होता है।इसको अगर गन्दा करोगे तो सज़ा मिलेगी, अब गन्दा कैसे होता है? जो जैसे पैदा होता है,जहाँ का खान पान रहता है।जैसा पूजा पाठ रहता है।उसी हिसाब से वो ढलता है अपने को वो ढाल लेता है। लेकिन अब ये बात बताना जरूरी है तो आप किसी भी माध्यम से,लोगों के कान तक ये बात पहुँचाओ की मांस मत खाओ,मांस मनुष्य का भोजन नही है,ये मानव मन्दिर,जिस्मानी मस्जिद, गुरुद्वारा,गिरिजा घर गन्दा हो जाएगा तो वो मालिक नाराज हो जाएगा ।


मांस मनुष्य का भोजन नही 


महाराज जी ने बताया जो पशु-पक्षियों का भोजन है उसको तुम खाने लगोगे तो वो नाराज़ हो जाएगा और फिर वो सज़ा दी देगा। तो सज़ा देने का तरीका होता है। उसका नियम बना है जैसे लॉक डाउन जो तोड़ रहा है तो पुलिस वाले तरह-तरह से सजा दे रहे है ये छोटी सज़ा है।लेकिन जब जेल में बन्द कर देते है तो ये उससे बड़ी सज़ा है।और उसके बाद फांसी दे देते है तो वो सबसे बड़ी सज़ा हो जाती है। तो सज़ा देने के बहुत तरीक़े होते है लेकिन जिंदा रहते हुए जो सज़ा मिलती है ये एक वार्निग है,एक लक्ष्मण रेखा है कि इससे आगे बढोगे तो तुम्हारा हरण हो
जाएगा। तुमको सज़ा मिल जाएगी तो अब रुक जाओ।


घर मे रहों, सुरक्षित रहों


महाराज जी ने ये भी बताया कि कुछ लोगों की आदत होती है,बार-बार गलती करने की, जैसे इस वक्त घर मे रहों,सुरक्षित रहों, बाहर मत निकलो,बीमारी से बचो अपने घर,परिवार को बचाओ । लेकिन बार-बार घर से निकल आते है।तो आदत बन गई तो सज़ा तो मिलेगी ही। तुमको अहंकार हो गया अपने बल का,जवानी का, की हमको नही होगा,हमारी तो ज़मात है हमारे साथ तो इतने लोग है। हम इस पोस्ट पर है हमारा कोई क्या कर लेगा। लेकिन जब बीमारी फैली तो जिन पर पत्थर बरसातें, गालियां देते, उन्ही डॉक्टरों की शरण में जाते, की हमारी जान बचा लीजिए।  तो ऐसी नौबत क्यों आये? आप सबसे प्रेम करो अपने शरीर से भी प्रेम करो,जो भजन-इबादत करने के लिए आपको मिला है ।


जयगुरुदेव


Popular posts
महाकालेश्वर मंदिर में 11वीं शताब्दी के मंदिर और मूर्तियां मिलने के बाद अब खुदाई के दौरान नर कंकाल और हडि्डयां मिली
Image
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान महाकाल मंदिर में पूजन में शामिल हुए
Image
उमड़ी भक्तो की भीड़, हर तरफ जय महाकाल की गूंज, उमा भारती भी पहुंची
Image
कावड़ यात्रा निकालने पर उज्जैन जिले की राजस्व सीमा में प्रतिबंध लगाया धारा 144 के तहत आदेश जारी
Image
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर ओम साईं फरिश्ते फाउंडेशन एन जी ओ एवं संस्था संकल्प टीम डिवाइन के सहयोग से टावर चौराहा उज्जैन पर साईं बाबा का महा प्रसादी वितरण
Image