जिलाधीश पहुंचे देवी ,देवताओं की शरण में, कोरोना से उज्जैन को मुक्त करने की प्रार्थना की

उज्जैन। कोरोनासे बचने के लिए अब देवी देवताओं को मनाने की शुरुआत उज्जैन में हो गई है,अधिकारिक तौर पर जिलाधीश ने 24 खंभों माता मंदिर मैं पूजन अर्चन किया है लेकिन सूत्रों के मुताबिक जिला प्रशासन महाकालेश्वर मंदिर मां हरसिद्धि मंदिर मां गढ़कालिका मंदिर और काल भैरव मंदिर में विशेष पूजा करवा चुका है।जिले में लगातार पैर पसार रहे कोरोना से मुक्ति के लिए रविवार को कलेक्टर शशांक मिश्र ने 24 खंभा माता मंदिर में पूजा-अर्चना की। यह पूजा प्रतिवर्ष महाष्टमी के दिन होती है, लेकिन इस बार काेरोना संकट के कारण पूजा नहीं हो पाई थी। ऐसे में बाबा गुमानदेव हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित चंदन व्यास ने कुछ दिनों पहले कलेक्टर से कोरोना के प्रकोप से मुक्ति के लिए नगर पूजा का आग्रह किया था, जिसके बाद कलेक्टर माता का आशीर्वाद लेने पहुंचे। राजा विक्रमादित्य के शासनकाल से ही नगर में सुख-समृद्धि और आपदा-विपदा से लोगों की रक्षा के लिए नगर पूजा की परंपरा चली आ रही है।यह मंदिर करीब 1000 साल पुराना है। यहां पर आपदा-विपदा से लोग बचे रहे इसलिए नगर पूजा की जाती है।
ऐसे करते हैं पूजन की शुरुआत यह मंदिर विश्व का संभवत: एक मात्र ऐसा मंदिर है, जहां महाअष्टमी के दिन माता को मदिरा चढ़ाई जाती है। सैकड़ों भक्तों की मौजूदगी में ढोल-ढमाकों के साथ गुदरी स्थित चौबीस खंभा माता मंदिर से नगर पूजा की शुरुआत की जाती है। कलेक्टर मदिरा की धार चढ़ाकर पूजा शुरू करते हैं।