माधवनगर अस्पताल में अब 1 मिनट बाद से ही कोविड-19 मरीज का इलाज होने लगा है, डॉ. सोनानिया बोले ,,,,मौत की चिंता करते तो जिंदगी कैसे देते?

उज्जैन ।एक बार यदि कोरोना का वायरस फेफड़ों में चला जाता है तो फिर मरीज का बचना मुश्किल हो जाता है, इसलिए लक्षण की शुरुआत में ही यदि इलाज शुरू कर दिया जाए तो मरीज 10 से 12 दिन में ठीक हो कर घर लौट जाता है कोविड-19 के इलाज और अन्य गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जिले के नोडल अधिकारी एचपी सोनानिया से कोविड-19 के इलाज के लिए अधिकृत डेडीकेटेड केयर हेल्थ सेंटर( माधव नगर अस्पताल) में कोविड-पॉजिटिव मरीजों के बीच जाकर चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि माधव नगर अस्पताल में अब 1 मिनट बाद से ही इलाज शुरू करने की व्यवस्था शुरू हो चुकी है, प्रवेश करते ही एक बड़े हाल में पांच ऑक्सीजन बेड़ लगाए गए हैं, जिससे सांस लेने में तकलीफ होने वाले मरीजों को 1 मिनट बाद से ही उपचार देना शुरू कर दिया जाता है । लगभग 72 दिन से बगैर छुट्टी के दिन-रात मरीजों के स्वास्थ्य पर नजर रखने वाले डॉक्टर एचपी सोनानिया से जब पूछा गया कि उन्हें मौत का खौफ नहीं है तो ,,,,,,,,,,,मुस्कुराते हुए उन्होंने बताया कि यदि यह खौफ रहता तो मरीज को जिंदगी कैसे देते हैं? शुरुआती दिनों में जरूर यह डर रहा कि कहीं जिंदगी के साथ कोई धोखा ना हो जाए, लेकन आत्मविश्वास के साथ कोरोनावायरस संक्रमित मरीजों का जब इलाज करना शुरू किया तो मौत की हर चुनौती को स्वीकार ना आदत बन गई। अस्पताल में मौजूद व्यवस्थाओं को लेकर उन्होंने बताया कि फिलहाल 100 बेड उपलब्ध है 20 बेड का आईसीयू का प्रस्ताव भेजा है ,अभी 9 वेंटीलेटर और 2 BIPAP मशीन वाले 10 बेड है ।इसके अतिरिक्त प्रत्येक वार्ड में टेलीविजन लगाए गए हैं स्टाफ की बात करें तो 30 डॉक्टर और 80 नर्सों द्वारा 3 शिफ्ट में काम किया जा रहा है, लगभग 10 डॉक्टर और 25 नर्स हर वक्त ड्यूटी पर रहती है ,स्वयं की ड्यूटी के बारे में बताया कि 12 से 15 घंटे अस्पताल में रहने के बाद इमरजेंसी होने पर 18 घंटे तक भी ड्यूटी की है ,आपने बताया कि TRUENAT मशीन आ गई है इस मशीन से 1 घंटे में जांच होने लगेगी ,नेगेटिव आने वाले मरीजों को डिस्चार्ज कर देंगे लेकिन जांच में पॉजिटिव आने पर आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज से जांच को एक बार पुनः कनफर्म किया जाएगा। पेशेंट को दी जाने वाली दवाइयों को लेकर आपने बताया कि HCQ दे रहे हैं इसे लेकर शुरू से ही अमेरिका से लेकर भारत में विवाद है ,पर भारत सरकार ने इसे देने की मंजूरी दी है। इसके अलावा IVRMECTIN भी दे रहे हैं, यह वायरस को ब्रेक करती है ।HEPARIN भी खून पतला करने के लिए और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए एंटीबायोटिक एजी थ्रो मायसीन ,कुछ केस में MONOSAFE भी दे रहे हैं । यह भी बताया कि अब मरीजों के दो टेस्ट किए जा रहे हैं दूसरे टेस्ट में रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद मरीज को डिस्चार्ज कर दिया जाता है। उल्लेखनीय है कि कोविड-19 के इलाज के लिए उज्जैन में अब आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज के अतिरिक्त माधव नगर अस्पताल, देवास का अमलतास अस्पताल और इंदौर का अरविंदो अस्पताल भी चिन्हित किए गए हैं। कोविड-19 के लिए बनाए गए जिले के नोडल अधिकारी एचपी सोनानिया ऐसे अधिकारी हैं जिन्होंने कोरोना को हराने के लिए रात दिन एक कर दिए।(उक्त इंटरव्यू कोविड-19 के लिए अधिकृत माधव नगर अस्पताल में कोविड-19 के मरीजों के बीच जान की परवाह किए बगैर लिया गया है, इंटरव्यू में बताई गई दवाइयों का उपयोग बगैर डॉक्टर की सलाह के किसी भी दशा में ना करें)


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