कलयुगी मामा का जमानत आवेदन निरस्त , मामा ने अपनी भांजी के साथ किया था दुराचार - अब मामा होगा गिरफ्तार

राजगढ। जिला न्यायालय में पदस्थ माननीय विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट श्रीमति अंजली पारे ने थाना खुजनेर के अपराध क्रमांक 61/2020 धारा 363, 366, 376(2)(छ), भादवि एवं 5/6 पाॅक्सो एक्ट में नाबालिग बालिका का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी विजेन्द्र (परिवर्तित नाम) निवासी लसूडली हाल नरसिंहगढ की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है।


 


     घटना का विवरण इस प्रकार है कि फरियादी ने थाना खुजनेर में आकर रिपोर्ट लिखवाई कि मेरी लड़की दिनांक 5 मार्च 2020 को बिना बताये घर से कहीं चली गयी है। रिपोर्ट पर से अपराध धारा 363 की कायमी कर पीडित बालिका की तलाश की गई तलाश के दौरान पीडित बालिका नरसिंहगढ क्षेत्र में होना पाई गई तब पुलिस द्वारा अभियुक्त के परिजनों को निर्देश दिये गये कि पीडित बालिका के अपहरण की दर्ज की गई है और पीडित बालिका केा बरामद किया जाना है। तब अभियुक्त 4-5 लोगों के साथ अपह्रता को थाना खुजनेर लेकर आया। थाना खुजनेर में पीडित बालिका ने बताया कि आरोपी की मां अपने आप को उसकी मौसी होना बता रही है, ने उसे अपने लडके अभियुक्त के लिए खरीदा है। अभियुक्त पीडित बालिका की मां की बुआ का लड़का है । पीडित बालिका ने अपने कथनों में यह भी बताया कि अभियुक्त ने उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाये हैं। 


 


          विवेचना के दौरान पीडित बालिका के कथन लेखबद्ध किये गए एवं माननीय न्यायालय के समक्ष धारा 164 दण्ड प्रक्रिया संहिता के कथन कराये गये थे। पीडित बालिका के कथनों के आधार पर प्रकरण में धारा 366, 376(2)(छ), भादवि एवं 5/6 पाॅक्सो एक्ट इजाफा किया गया एवं अभियोक्त्री का मेडीकल परीक्षण कराया गया। 


         उक्त प्रकरण की विवेचना के दौरान आरोपी विजेन्द्र (परिवर्तित नाम) जो पीडित बालिका का रिश्ते में मामा है, ने न्यायालय को अपना जमानत आवेदन पत्र प्रस्तुत कर अग्रिम जमानत की मांग की थी।


 


जिस पर विशेष लोक अभियोजक श्री आलोक श्रीवास्तव ने तर्क किये कि आरोपी विजेन्द्र (परिवर्तित नाम) पीडित बालिका का मामा भी है ने अपनी ही नाबालिक भांजी के साथ बलात्संग का अपराध कारित कर एक जघन्य एवं पूर्णतः अनैतिक अपराध को अंजाम दिया गया है। प्रकरण अभी विवेचना में है यदि आरोपी को जमानत पर रिहा किया जाता है तो आरोपी पीडित बालिका से अपनी रिश्तेदारी के आधार पर दबाव बनाकर राजीनामा करने की कोशिश करेगा जिससे पीडित बालिका और उसके परिवारजनों को अनावश्यक कष्ट भी होगा और पूरे परिवार को पीड़ा झेलना पड़ेगी। इस कारण आरोपी को जमानत पर रिहा न किया जावे।                                                                     


अभियोजन के तर्कों और अभियोजन कहानी से सहमत होते हुए अभियुक्त विजेन्द्र (परिवर्तित नाम) का अग्रिम जमानत आवेदन पत्र खारिज कर दिया है। विशेष लोक अभियेाजक ने जानकारी देते हुए बताया कि अभियुक्त को न्यायालय से जमानत का लाभ नहीं मिला है और वह अभी तक फरार चल रहा है जिसे मिलते ही तुरंत गिरफ्तार किया जावेगा।