सुलेमान उज्जैन में बोले,,,,,,,अब नाक एवं गले के सैंपल लेंगे, पॉजिटिव आए तो संपर्क में आने वाले 15 लोगों के सैंपल लेंगे,, संपन्न व्यक्ति के लिए प्राइवेट अस्पतालों में इलाज शीघ्र शुरू होगा,,,, जिलाधीश ने बताया की वृंदावन कॉलोनी में 54 मरीज मिले,,,, बाहर से आने वाले फैला रहे है कोरोना

मरीज के फर्स्ट कॉन्टेक्ट का पता 24 घंटे में लगाकर कोरोना की चेन ब्रेक कर समुदाय में इसे फैलने से रोके, कोरोना वायरस का पता लगाने के लिये नाक एवं गला दोनों के सेम्पल लिये जायें–अपर मुख्य सचिव श्री मो.सुलेमान, 


उज्जैन । प्रदेश के अपर मुख्य सचिव परिवार कल्याण एवं स्वास्थ्य श्री मोहम्मद सुलेमान ने शुक्रवार को उज्जैन पहुंचकर जिले में कोरोना वायरस की वर्तमान स्थिति, मरीजों के उपचार की स्थिति और प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस मरीजों को दी जा रही सहूलियत की समीक्षा की। अपर मुख्य सचिव ने कलेक्टर श्री आशीष सिंह को निर्देश दिये कि जैसे ही कोई कोरोना का मरीज पाया जाता है, वैसे ही मरीज से पूछताछ कर उसके फर्स्ट कॉन्टेक्ट का पता लगाकर कोरोना की चेन को ब्रेक किया जाये। पूरा प्रयास किया जाये कि उस व्यक्ति से समुदाय में कोरोना का फैलाव न हो। कोरोना मरीज को तत्काल अस्पताल में उपचारार्थ भर्ती किया जाये। यदि मरीज में हल्के सिम्टम दिखाई दे रहे हैं तो भी तत्काल उसे होम क्वारेंटाईन या होम आइसोलेशन में रखा जाये। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि वर्तमान में कोरोना की जांच के लिये केवल गले का सेम्पल लिया जा रहा है। इसे तत्काल बदलते हुए नाक एवं गला दोनों के सेम्पल लेकर उसका परीक्षण किया जाये। उन्होंने कहा कि इन्दौर में बेहतर तरीके से सेम्पल लिये जा रहे हैं, उसी तर्ज पर उज्जैन में भी सेम्पल लिये जायें और इसके लिये आवश्यकता पड़ने पर कर्मचारियों की पुन: ट्रेनिंग कराई जाये। उन्होंने कहा कि यदि किसी मरीज में हल्के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो भी उसे निगरानी में रखा जाये एवं उसे समझाईश दी जाये कि वह घुलेमिले न और उसका टेस्ट यदि नेगेटिव आता है तो उसे घर जाने दिया जाये। उन्होंने निर्देश दिये कि कम से कम मरीजों के 15 सम्पर्क को अनिवार्य रूप से ट्रेस कर उन सम्पर्कों का भी कोरोना टेस्ट किया जाये।


अपर मुख्य सचिव ने कहा कि हमारी प्राथमिकता होनी चाहिये कि हम व्यक्ति में लक्षण पहचान कर उसे कम्युनिटी से दूर रखें, ताकि कम्युनिटी में इसका फैलाव न हो। पहला टेस्ट यदि पॉजीटिव आता है तो व्यक्ति के 15 कॉन्टेक्ट अनिवार्य रूप से ट्रेस किये जायें। उन्होंने निर्देश दिये कि कंटेनमेंट का एरिया छोटा रखा जाये। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि कुछ व्यक्ति यह मानने को तैयार नहीं होते हैं कि उनके अन्दर कोरोना के सिमटम हैं। ऐसे व्यक्तियों को होम क्वारेंटाईन कर उनके घरों में पोस्टर लगाकर आसपास के लोगों को भी सचेत किया जाये। पोस्टर में उल्लेख किया जाये कि इस व्यक्ति में कोरोना के सिमटम हैं। उन्होंने कलेक्टर को निर्देश दिये कि वे दुकानदारों, ज्वेलर्स एवं बैंककर्मियों को समझाई दें कि वे स्वयं मास्क लगायें एवं अपनी संस्थान के बाहर सेनीटाइजर रखकर उसका उपयोग आने-जाने वालों से करवायें। उन्होंने कहा कि बैंकों के माध्यम से कोरोना के प्रकरण आ रहे हैं जो चिन्ताजनक हैं। पुरानी जगहों से पुन: कोरोना के नये प्रकरण पाये जा रहे हैं, यह भी चिन्ताजनक है। श्री सुलेमान ने कलेक्टर को निर्देशित किया कि कुछ सम्पन्न व्यक्ति जो शासकीय चिकित्सालयों में अपना उपचार नहीं कराना चाहते हैं और अपने लिये प्रायवेट वार्ड चाहते हैं और इसके लिये भुगतान भी करने में सक्षम हैं, ऐसे व्यक्तियों के लिये प्रायवेट अस्पतालों से बात कर उनके लिये पृथक से प्रायवेट वार्ड की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये, ताकि वे अपने हिसाब से भुगतान कर अपना उपचार करा सकें। उन्होंने जिले में 100 बेड और बढ़ाने के निर्देश दिये। बताया गया कि जिले को छह नये वेंटिलेटर प्राप्त हुए हैं। प्रतिदिन औसतन 15 से 20 पॉजीटिव केस आ रहे हैं। वर्तमान में 186 एक्टिव केस हैं। आरडी गार्डी में 30, पीटीएस में 35, इन्दौर में सात, अमलतास में सात, माधव नगर चिकित्सालय में 60 मरीज भर्ती है, वहीं 46 लोगों को होम आईसोलेशन में रखा गया है। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि इंस्टिट्यूट क्वारेंटाईन अधिक से अधिक कराया जाये।


कलेक्टर श्री आशीष सिंह ने बताया कि कोविड-19 अलग-अलग एरिया में प्रसारित हुआ है, जो चिन्ताजनक है। हालांकि बाहर से आने वाले लोगों की वजह से कोरोना के प्रकरण में तेजी आई है। जो व्यक्ति अपना सेम्पल देकर जाते हैं और उनमें यदि लक्षण का आभास होता है तो तत्काल उन्हें ट्रेस कर उनका उपचार सुनिश्चित किया जाता है। कोविड-19 के मरीजों में चार बैंककर्मी, आठ फायनेंसकर्मी, दो पुलिसकर्मी, दो एमआर, दो अनाज मंडी के व्यक्ति, चार सब्जी विक्रेता तथा हर वर्ग के व्यक्ति शामिल हैं। इन सभी की कॉन्टेक्ट हिस्ट्री निकाली गई है। कलेक्टर ने बताया कि वृन्दावन कॉलोनी में 54 मरीज पाये गये। कॉलोनी घनी है। इस कॉलोनी से कोविड-19 का प्रसार किसी अन्य कॉलोनी में न फैले, इसके लिये विशेष सतर्कता रखी जा रही है। उज्जैन, महिदपुर, खाचरौद के आसपास के गांवों में से भी केस निकलकर सामने आ रहे हैं।


मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.महावीर खंडेलवाल ने बताया कि इन्दौर, देवास एवं बाहर से आने वाले विशेषकर टूरिंग जॉब वाले लोगों की वजह से कोरोना का प्रसार जिले में हो रहा है। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिये कि पुराने एरिया पर विशेष रूप से फोकस किया जाये, क्योंकि यह देखा जा रहा है कि इन इलाकों में पुन: कोविड-19 का फैलाव हो रहा है।


समीक्षा बैठक में उज्जैन संभाग कमिश्नर श्री आनन्द कुमार शर्मा, पुलिस महानिरीक्षक श्री राकेश गुप्ता, पुलिस अधीक्षक श्री मनोज कुमार सिंह, नगर निगम कमिश्नर श्री क्षितिज सिंघल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अंकित अस्थाना, प्रशासक महाकाल श्री एसएस रावत सहित सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित थे।