आपसी झगडे को लेकर हत्‍या का प्रयत्‍न करने वाले आरोपी की जमानत हुई खारिज 

  • इंदौर


जिला अभियोजन अधिकारी मो. अकरम शेख द्वारा बताया गया कि, न्‍यायालय श्री अमन सिंह भूरिया मुख्‍य न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट इंदौर के समक्ष थाना राउ के अप.क्र.255/2020 धारा 307, 294, 323, 147, 148, 149 भादवि में जेल में निरूद्ध आरोपीगण में से सचिन पिता संजु मानकर निवासी गरबडी इंदौर द्वारा जमानत आवेदन प्रस्‍तुत किया गया एवं जमानत पर छोडे जाने का निवेदन किया गया। अभियोजन की ओर से एडीपीओ नरोत्‍तम नरेश कौरव द्वारा जमानत आवेदन का विरोध करते हुए कहां गया कि अपराध गंभीरतम प्रकृति का है यदि आरोपी को जमानत का लाभ दिया गया तो वह फरियादी एवं साक्षियों को डराएगा, धमकाएगा और राजीनामे के लिए दबाव बनाएगा तथा फरार होने की संभावना है। अत: आरोपी का जमानत आवेदन निरस्‍त किया जाएं। अभियोजन के तर्को से सहमत होते हुए न्‍यायालय द्वारा आरोपी का जमानत आवेदन निरस्‍त किया गया।


  अभियोजन की कहानी इस प्रकार है कि फरियादी सोनू ने थाने आकर रिपोर्ट लेख कराई कि दिनांक 20.07.2020 को दिलीप और गणेश का झगडा करण से हुआ था उसी बात को लेकर करण, पडौसी दिलीप व गणेश से झगडा कर रहा था। करण भाटी ने अपने लडके अर्जुन को बुलाया व झगडे का बोला तो लडके अर्जुन ने अपने रिश्‍तेदार रवि, सचिन, भगवान, सतीश को बुलाया ये लोग मोटरसायकिल पर दिलीप के घर के सामने हसनजी नगर पालपट्टी राउ आये और दिलीप व गणेश को अश्‍लील गालियां देने लगे। दिलीप द्वारा गाली देने से मना करने पर ये लोग मारपीट करने लगे। उसी समय मैं व पडौसी बीच बचाव करने आये तो सतीश ने मुझे पकड लिया और अर्जुन के हाथ में चाकू था जो उसने मेरे पेट में मारा जिससे खून निकलने लगा व भगवान, सचिन, करण ने लात घूसो से मारपीट की जब मैं चिल्‍लाया तो मेरा भाई और मेरी मां आ गए जिससे आरोपीगण भाग गये। घटना आसपास के लोगों ने देखी है रिपोर्ट करता हूं उक्‍त रिपोर्ट पर से अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।