राम मंदिर निर्माण में राजकोष का पैसा न लगे- बाबा उमाकान्तजी महराज

 


उज्जैन मध्य प्रदेश स्थित बाबा जयगुरुदेव आश्रम में रक्षाबंधन महापर्व के उपलक्ष्य पर देश-विदेश के सभी लोगों से पूज्य सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की नींव 05 अगस्त 2020 को पड़ने जा रही है यानी शिलान्यास होने जा रहा है। यह मंदिर बन जाए और वहां पर लोगों को लाभ मिलने लग जाए।


जितने भी भारत के मुसलमान हो, आप सब लोग उसमें किसी भी तरह की बाधा मत डालिये


बाबाजी ने कहा राम मंदिर को आप बन जाने दीजिए l उसमें जितने भी भारत के मुसलमान हो, आप सब लोग उसमें किसी भी तरह की बाधा मत डालिये। कोई भी अगल-बगल के देश का, भारत देश के लिए नीयत खराब करने वाला हो तो अपने स्तर से उसको समझाओ, आप उसे संभालने की कोशिश करो कि आस्था जिसमें लोगों की जुड़ी हुई है, ऐसे अपने हिंदू भाइयों का मंदिर बन जाए।


बाबा उमाकान्त जी महाराज की हिंदू भाइयों से अपील - मस्जिद निर्माण में बाधा ना डालें 


हिंदू भाइयों को भी चाहिए ये मस्जिद की जगह मिली है, जब मुसलमान भाई वहां पर बनाने लगे तो उसमें कोई बाधा ना डालें। उनका इसमें सहयोग करें |


भगवान राम और खुदा के नाम पर एक बूंद भी खून नहीं बहना चाहिए 


 बाबा उमाकान्त जी महाराज ने कहा कि वाक युद्ध बंद करो। अयोध्या के लिए,चाहे मंदिर हो,चाहे मस्जिद हो, वाक युद्ध हो या कोई ऐसी जंग हो उसमें किसी का भी खून बहे, जिसमें मानव मंदिर ढहे, जिस्मानी मस्जिद ढहे, ऐसा कोई काम मत करो। मस्जिद बने तो सहयोग कर दो, मंदिर बने तो सहयोग कर दो।


अयोध्या मे ‘अ’ का मतलब होता है नहीं, “योध्या” का मतलब होता है युद्ध अर्थात वो जगह जहा पर कोई युद्ध नहीं हुआ हो, अयोध्या का इतिहास रहा है कि वहा कोई युद्ध नहीं हुआ है |


नशामुक्त, शाकाहारी लोगों की मेहनत, ईमानदारी की कमाई से राम मंदिर निर्माण के दौरान भोजन भंडारा चलाना चाहते हैं- पूज्य सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज 


उज्जैन मध्य प्रदेश स्थित बाबा जयगुरुदेव आश्रम में रक्षाबंधन महापर्व के उपलक्ष्य पर देश-विदेश के सभी लोगों से पूज्य सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज ने संगत के प्रेमियों से अपील की है कि अगर ये राम मंदिर ट्रस्ट, अयोध्या आपको परमिशन दे दें तो वहां पर मंदिर बनाने में, जो सेवा करने वाले लोग हैं, उनके लिए आप दोनों समय का भोजन भंडारा चला दो।


2 साल या 4 साल, जो भी राम मंदिर निर्माण में समय लगे, जितने भी लोग उसमें - चाहे वह कारीगर हो, चाहे वह राजमिस्त्री हो, चाहे बढ़ई का काम करने वाले लोग हो, चाहे लोहा का काम करने वाले मिस्त्री हो, चाहे उनके हेल्पर हो, या ईंट गारा ढोने वाले हो, पत्थर ढोने वाले हो, पत्थर की कटिंग करने वाले हो, वे दफ्तर में काम करने वाले बाबू, चपरासी का काम करने वाले हो, अधिकारी, इंजीनियर, मैनेजर, एकाउंट्स का काम करने वाले हो यानी जितने भी लोग हो - उनके दोनों समय के भोजन की व्यवस्था प्रेमियों आप करो और भोजन भंडारा आप वहां चलाओ।


बाबाजी ने आगे कहा कि दरख्वास्त आज ही दे दो अगर वह मंजूरी दे देते हैं तो उसकी शुरुआत आप कर दो l अगल-बगल के जिलों के जो जिम्मेदार हो चले जाओ और आप दरख्वास्त दे दो और परमिशन ले लो और वे जैसा बतावें वैसा उसकी शुरुआत कर दो। बाकी तो पूरे देश की संगत आपके साथ है। यदि यह लोग परमिशन दे देते हैं तो आप लोग आज मिल करके इनको आप आश्वासन दो, हम अपने गुरु की दया लेकर के छोटे छोटे ईमानदार नशामुक्त,शाकाहारी लोगो की मदद से इसको चलाना चाहते हैं और अपनी कूवत भर पूरा निभाएंगे और चलाएंगे।


मदिरा के मद में भाव भक्ति नहीं जगती-बाबा उमाकान्त जी महाराज


बाबा उमाकान्त जी महाराज ने कहा कि प्रेमियों यह भी कह दो कि हम इसमें अपने मेहनत और ईमानदारी की कमाई लगाएंगे। मेहनत ईमानदारी का जब वे लोग खाएंगे तब सच्चे मन से सच्चे दिल से होश हवास में वहां पर सेवा करेंगे काम करेंगे। मदिरा का मद नहीं रहेगा, उस समय पर सेवा का रहेगा, भक्ति का रहेगा। मदिरा पीकर के जब कोई काम करता है, जानवरों का मांस खाकर जब काम करता है तो उसका बुद्धि, दिल, दिमाग उसी तरह का रहता है,लेकिन सच्चे भाव से, सच्चे ह्रदय से, भाव भक्ति में जब कोई काम करता है तो उसका परिणाम अच्छा निकलता है।


एक दरख्वास्त मस्जिद बनाने की तैयारी कर रहे जिम्मेदारों को दे दो- बाबा उमाकान्त जी महाराज


 


मुसलमान भाइयो,आप जब भी मस्जिद का निर्माण करो हमको खबर करो। हम अपने मेहनत और ईमानदारी की कमाई से भंडारा वहा चलाएंगे। हम वहां उन लोगों को उसमें काम करने वाले लोगों को भोजन कराएंगे, हम विश्वास दिलाते है कि, हम पसीना बहा करके लाएंगे, खून बहा कर लाया हुआ एक भी पैसा इसमें नहीं लगाएंगे, उसका शुद्ध अन्न खिलाएंगे कि जिससे तुम इबादत करो तो तुम्हारी इबादत वह अल्लाह ताला मंजूर कर दे, वह तुम पर रहम दिल हो जाए, तुमको रहम दिल बना दे, तुम रहमान बन जाओ, तुम्हारी नीयत दुरुस्त हो जाए, तुम इबादती बन जाओ, तुम खुदा के नूर में अपनी रूहे को जज्ब करने लग जाओ, उसकी आवाज जो 24 घंटे हो रही है वह तुम सुनने लग जाओ क्योंकि जगह का असर होता है कहते हैं साफ सुथरी जगह पर पूजा करो, नमाज अदा करो यानी साफ सुथरी जगह तो बना लेते हो लेकिन दिल साफ नहीं हो पाता है,दिल साफ नहीं होता है तो वह बैठता नहीं है।


शराब पीकर के या गुरूर का नशा करके अगर आप इबादत करोगे तो मस्ती आएगी ? कभी नहीं आएगी,ऐसी मस्ती को लाओ जो कभी उतरे ही नहीं पूरी जिंदगी रहे। वह किसकी मस्ती होती है ? उस साउंड की होती है, उस आवाज की होती है जिसको अनहद वेद वाणी, आकाशवाणी, खुदाई आवाज कहा गया वह है, वह मिलने लग जाए, रूहानी इबादत होने लग जाए। आप जिस्मानी इबादत तक ही ना रह जाओ।


आज हम यह चाहते हैं अगर आपने अपने अच्छे सात्विक विचार से, अच्छी भावनाओं से मंदिर बना लिया, मस्जिद बना लिया, गुरुद्वारा बना लिया तो जो लाइन आप पकड़े हुए हो जिन पर आपको यकीन है, विश्वास है,उसी में से ये लाइन भी निकल जाएगी, यह भी रास्ता खुल जाएगा, रूहानी रास्ता खुल जाएगा, यह आध्यात्मिक रास्ता खुल जाएगा, आपको रास्ता मिल जाएगा, रास्ता पर चलोगे विश्वास हो जाएगा। विश्वासम् फलम् दायकम् फलदाई हो जाएगा,आपके लिए जीवन सार्थक हो जाएगा, जब अल्लाह ताला मिल जाएगा, पाक परवरदिगार मिल जाएगा, जब भगवान मिल जाएगा, खुदा मिल जाएगा जिसको कहते हो सर्व शक्तिमान मिल जाएगा जिसकी ये सारी खिलकत है, जिसकी यह सारी चीजें हैं, देने वाला है वह मिल जाएगा तो सोचो किसी चीज की आपको कमी रह जाएगी ? कभी नहीं रहेगी।


तिफरके बाजी खत्म होने का समय आ गया है – बाबा उमाकान्त जी महाराज


बाबा उमाकान्त जी ने कहा कि हमारी ये प्रार्थना है, ये अपील है कि आप इस भारत देश में रहते हो,यहां का अन्न खाते हो एक साथ जब दुख सुख में शामिल होते हो तो तिफरकेबाजी खत्म करो, तिफरकेबाजी का बीज अंकुरित होने ही ना पावे और जहां से भी वह निकल रहा है तिफरके बाजी का बीज, अंकुरित हो रहा है उसको वही खत्म कर दो तोड़ दो।


हर मजहब में अच्छे लोग हैं, अच्छे लोग चाह लें तो तिफरकेबाजी अभी खत्म हो जाए, तिफरकेबाजी खत्म होने का वक्त आ गया है, समय आ गया है।


हमारी प्रार्थना पर ध्यान नहीं दिया तो कुदरत माफ नहीं करेगी-बाबा उमाकान्ती जी महाराज 


हमारी प्रार्थना मिन्नत गुजारिश पर अगर आपने ख्याल नहीं किया, ध्यान नहीं दिया तो यह बात आज आपको और बता दे रहा हूं सावन पूर्णिमा के दिन, रक्षाबंधन के दिन, 3 अगस्त 2020 को,फिर कुदरत माफ करने वाली नहीं है,यह भी आपको बता दे रहा।



बाबाजी ने कहा की मंदिर का निर्माण शाकाहारी,नशामुक्त लोगो के मेहनत की कमाई से ही हो|


शराब या लूट खसोट की कमाई को मंदिर में न लगाया जाये|


 


 


 


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