बेटी के दुष्कर्म में अभियुक्त का साथ देने वाली मॉ को न्यायालय ने भेजा जेल

 


तेजी से ट्रक चलाकर गाय को टक्कर मारने वाले अभियुक्त की जमानत निरस्त


 न्यायालय श्रीमती पूनम डामेचा, प्रथम वर्ग न्यायिक मजिस्ट्रेट, तहसील नागदा, जिला उज्जैन के न्यायालय द्वारा अभियुक्त राजू पिता निर्मल सोनी, उम्र 32 वर्ष, निवासी- वासपूर, जिला भिदनापुर प0 बंगाल का जमानत निरस्त आवेदन निरस्त किया गया।   


 अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी श्री मुकेश कुमार कुन्हारे ने बताया कि अभियोजन की घटना इस प्रकार है कि फरियादी दीपक पिता मुन्नालाल ने पुलिस थाना नागदा पर रिपोर्ट लेखबद्ध कराई कि दिनांक 20.09.2020 को दिन के करीब 12ः30 बजे अपने साथी हेमंत चंदेल के साथ उसके खेत पर जा रहा था तभी उज्जैन तरफ से एक ट्रक चालक अपने वाहन को तेज गति व लापरवाहीपूर्वक चलाकर लाया तो ट्रक के सामने गाय आ जाने से उसने अचानक ब्रेक मारा, हमने चालक से कहा यहां पर बहुत सारे जानवर बैठे रहते है, अपना वाहन धीरे चलाओ तो ट्रक चालक बोला कि मैं तो ऐसे ही ट्रक चलाता हॅू, कोई भी सामने आ जाये मुझे उससे कोई मतलब नहीं है, फिर वह ट्रक को तेज गति से चलाकर ले गया और कुछ ही दूर पर जाकर एक अन्य गाय को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे गाय के दोनों पैर टूट गये और ईलाज के दौरान गाय की मृत्यु हो गई। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना नागदा पर अभियुक्त के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया।  न्यायालय में जमानत आवेदन प्रस्तुत किया गया था, अभियोजन अधिकारी श्री विनय अमलियार द्वारा जमानत का विरोध करते हुये तर्क किये कि अभियुक्त द्वारा गंभीर अपराध कारित किया है। न्यायालय द्वारा अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर अभियुक्त का जमानत आवेदन निरस्त किया गया।        


 अभियोजन की ओर से पैरवी श्री विनय अमलियार, सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी, तहसील नागदा जिला उज्जैन द्वारा किया गया था


*कच्ची शराब की अवैध तस्करी करने वाले अभियुक्त की जमानत निरस्त* 


 न्यायालय श्रीमती पूनम डामेचा, प्रथम वर्ग न्यायिक मजिस्ट्रेट, तहसील नागदा, जिला उज्जैन के न्यायालय द्वारा अभियुक्त धनसिंह उर्फ बंटी कुशवाह, उम्र 39 वर्ष, निवासी- नई आबादी जूना, नागदा जिला उज्जैन का जमानत निरस्त आवेदन निरस्त किया गया।   


 अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी श्री मुकेश कुमार कुन्हारे ने बताया कि अभियोजन की घटना इस प्रकार है कि दिनांक 26.08.2020 को उप.निरी. होतम सिंह कोटा फाटक पर कस्बा भम्रण पर थे, तभी वहां उन्हें मुखबीर द्वारा सूचना मिली कि दो व्यक्ति दो कैनो में अवैध हाथ भट्टी की कच्ची शराब को लेकर महिदपुर रोड की तरफ से नागदा की तरफ आ रहे है। मुखबीर की सूचना की तस्दीक हेतु मय फोर्स के साथ मुखबीर द्वारा बताये स्थान पर पहुंचे और देखा तो मुखबीर द्वारा बताये हुलिए के दो व्यक्ति काली रंगी की प्लेटिनम मोटर सायकिल से आ रहे थे। मोटर सायकिल के साइड में दो कैन बंधी हुई थी। जिन्हे फोर्स की मदद से पकड़ा गया और उनका नाम व पता पूछने पर उन्होने धनसिंह उर्फ बंटी कुशवाह व प्रकाश पिता पूनाजी बताया। मोटर सायकिल से बंधी हुई दोनो कैनो को चेक करने पर 35-35 लीटर हाथ भट्टी की कच्ची शराब भरी हुई थी। कुल 70 लीटर शराब पायी गई। दोनों अभियुक्तगण से शराब को रखने व लाने ले जाने के संबंध में विधिक लाईसेंस की पूछताछ करने पर उन्होने ने नहीं होना बताया। उक्त शराब को विधिवत रूप से जप्त किया गया। अभियुक्तगण के विरूद्ध थाना नागदा पर आबकारी अधिनियम में अपराध पंजीबद्ध किया गया। 


 अभियुक्त द्वारा न्यायालय में जमानत आवेदन प्रस्तुत किया गया था, अभियोजन अधिकारी श्री विनय अमलियार द्वारा जमानत का विरोध करते हुये तर्क किये कि अभियुक्त द्वारा गंभीर अपराध कारित किया है। न्यायालय द्वारा अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर अभियुक्त का जमानत आवेदन निरस्त किया गया।        


 अभियोजन की ओर से पैरवी श्री विनय अमलियार, सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी, तहसील नागदा जिला उज्जैन द्वारा किया गया 


हफ्ता वसूली करने वाले अभियुक्तगण की दूसरी बार भी जमानत निरस्त*


‘‘फरियादी द्वारा जमानत पर अनापत्ति की गई थी‘‘


 


 न्यायालय श्रीमान जफर इकबाल अपर सत्र न्यायाधीश-तहसील बड़नगर जिला उज्जैन के न्यायालय द्वारा अभियक्तगण 01. कमल पिता राजाराम, 02. रोहित पिता राजाराम, निवासीगण-ग्राम सरसाना, तहसील- बड़नगर जिला उज्जैन का द्वितीय जमानत आवेदन निरस्त किया गया।


       उप-संचालक अभियोजन डॉ0 साकेत व्यास ने बताया कि घटना इस प्रकार है कि फरियादी कोमल पिता लाखनसिंह द्वारा पुलिस थाना इंगोरिया पर प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध कराई कि मैं महेवा उरई जिला जालौन उ0प्र0 में रहता हूॅ, मॉ बैष्णव ट्रेवल्स की बस चलाता हूॅ, जो कानपुर से सूरत चलती है। मैं दस साल से इस लाइन पर बस चला रहा हूॅ। दिनांक 06.09.2020 को मैं सूरत से कानपुर के लिए जा रहा था, तभी बड़नगर से इंगोरिया रोड पर डी गुर्जर ढाबे के सामने करीबन 10ः00 बजे पहुंचा, तभी दिनेश पिता राजाराम, रोहित पिता राजाराम व कमल पिता राजाराम निवासी सरसाना जो मेरी बस के सामने आये और मेरा रास्ता रोककर मुझे नीचे उतारकर, मुझे तीनों मॉ-बहन की नंगी-नंगी गालियां देने लगे और बोले कि मुझे हफ्ता क्यों नहीं देते हो और तुम लोग मेरे ढ़ाबे पर अपनी बस भी नहीं रोकते हो, हमे हफ्ता अभी चाहिए। मैने उन्हें गालियां देने से मना किया और बोला कि मेरे सेठ ने किसी को भी रूपये देने से मना किया है, तभी मेरी कम्पनी की दूसरी बस जो अहमदाबाद से कानपुर के लिए जाने वाली आई तो दोनो ने उस बस को भी रोक लिया। मेरी बस की 24 सवारी व दूसरी बस की 15 सवारी उतारकर वही से जा रही अन्य बसे जो ढाबे पर खडी थी, उस में बैठा दी। हमारी दोनों बसो को जबरजस्ती ढाबे पर खड़ी करा कर बोले कि हम यहां के दादा है, हमारा यहां पर नाम चलता है, तुम्हारी कम्पनी में मेरा डेढ लाख रूपये का टेक्स हो गया है वो रूपये वसूल करेंगे तभी बसो को जाने देंगे और बोले कि अगर दोनों बसो को यहां से हटाया तो जान से खत्म कर देंगे। फरियादी की उक्त रिपोर्ट पर पुलिस थाना इंगोरिया पर अभियुक्तगण के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया। अभियुक्तगण को गिरफ्तार किया गया। 


नोटः- फरियादी द्वारा न्यायालय में राजीनामा पेश किया गया तथा जमानत पर कोई आपत्ति होना नहीं व्यक्त किया गया। 


 अभियुक्तगण द्वारा जमानत आवेदन न्यायालय में प्रस्तुत किया था। अभियोजन अधिकारी की ओर से जमानत आवेदन का विरोध करते हुये तर्क किये कि अभियुक्तगण द्वारा हफ्ता वसूली का गंभीर अपराध कारित किया है तथा इनके द्वारा बस की सवारियों को उतारकर जबरजस्ती दूसरी बस में बिठाया गया है। न्यायालय द्वारा अभियोजन के तर्केे से सहमत होकर अभियुक्तगण का जमानत निरस्त किया गया।


प्रकरण में पैरवीकर्ता श्री कलीम खान, एजीपी तह0 बड़नगर जिला उज्जैन द्वारा की गयी।


*बेटी के दुष्कर्म में अभियुक्त का साथ देने वाली मॉ को न्यायालय ने भेजा जेल*


 न्यायालय विशेेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) डॉ0 (श्रीमती) आरती शुक्ला पाण्डेय, अपर सत्र न्यायाधीश द्वारा आरोपिया निवासी उज्जैन को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा। 


       उप-संचालक अभियोजन डॉ0 साकेत व्यास ने बताया कि घटना इस प्रकार है कि पीड़िता ने थाना नानाखेड़ा पर प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध कराई कि वह उसकी मम्मी के साथ उज्जैन में रहती थी, उसके बाद वह अलग-अलग चार-पांच मकानों में उसकी बहन व मौसी के बच्चों के साथ रही। उसके पिता 15 साल से अलग रहते है। अभियुक्त मेरी मॉ और हमारे साथ रहता है। जब पीड़िता 14 साल की थी तब घर में थी, तभी अभियुक्त आया और उसने उसके छोटे भाई-बहन को मंदिर भेज दिया और पीडिता के साथ दुष्कर्म किया। अभियुक्त ने कहा कि रिपोर्ट लिखाई तो तुझे बदनाम कर दूंगा। उसकी मम्मी जब ड्यूटी से वापस आई तो पीडिता ने मम्मी को घटना बताई तो इस पर उसकी मम्मी ने कहा कि अगर तूने रिपोर्ट लिखाई और थाने गई तो मुझसे बुरा कोई नही होगा। इस प्रकार पीडिता की मॉ अभियुक्त का साथ देने लगी और वर्ष 2016 में भी उसकी मॉ के सामने अभियुक्त ने पीड़िता को कमरे में ले जाकर दुष्कर्म किया और उसकी मॉ ने बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। अभियुक्त ने पीड़िता के साथ वर्ष 2013 से 2018 तक कई बार दुष्कर्म किया। थाना नानाखेड़ा द्वारा अभियुक्तगण के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध की गई। पीडिता की मॉ आरोपिया को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। 


न्यायालय द्वारा आरोपिया को न्यायिक अभिरक्षा मंे जेल भेजा गया।  


 अभियोजन की ओर से पैरवी श्री सूरज बछेरिया, विशेष लोक अभियोजक, जिला उज्जैन द्वारा किया गया था। 


 


                    


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