मोटर सायकिल से शराब की तस्करी करने वाले अभियुक्त की जमानत निरस्त

  • उज्जैन


 न्यायालय माननीय श्रीमान एस.सी.पाल अपर सत्र न्यायाधीश महोदय तहसील तराना जिला उज्जैन के न्यायालय द्वारा अभियुक्त भगवान सिंह पिता शंकरलाल, निवासी-टुगनी जिला शाजापुर का जमानत आवेदन निरस्त किया गया। 


 उप-संचालक अभियोजन डॉ0 साकेत व्यास ने बताया कि घटना इस प्रकार है कि घटना इस प्रकार है कि दिनांक 27.08.2020 को थाना तराना पर पदस्थ उप.निरीक्षक बाबूलाल चौधरी को मुखबीर द्वारा सूचना मिली कि ग्राम मरडावन पर मोटर सायकिल से अवैध शराब लेकर जाने वाला हैं। उक्त सूचना पर वह मय फोर्स के ग्राम मरडावन चौराहे पहुंचे। जहां पर नाकाबंदी की तभी बोरधा गुर्जर तरफ से एक मोटर सायकिल बिना नंबर की आ रही थी। मोटर सायकिल को रोका, मोटर सायकिल पर बैठे व्यक्ति का नाम व पता पूछने पर भगवान सिंह पिता शंकरलाल बताया। मोटर सायकिल पर आगे एक प्लास्टिक का बेग रखा था जिसकी विधिवत चेकिंग करने पर उसके अंदर 350 क्वाटर भरे हुऐ सील बंद क्षमता 180 एमएल, कीमत 28,000/- रूपये व कुल मात्रा 63 बल्क लीटर थी। अभियुक्त भगवान सिंह से शराब रखने के लाइसेंस के संबंध में पूछने पर लाइसेंस का नहीं होना बताया। उक्त शराब को पुलिस द्वारा विधिवत् रूप से जप्त किया गया। अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। पुलिस थाना तराना द्वारा अभियुक्त के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया। 


अभियुक्त भगवानसिंह द्वारा माननीय न्यायालय में जमानत आवेदन प्रस्तुत किया गया था, अभियोजन अधिकारी द्वारा जमानत का विरोध करते हुये तर्क किये कि अभियुक्त से अवैध शराब जप्त की गयी है इस प्रकार उसने अपराध गंभीर कारित किया है। न्यायालय ने अभियोजन के तर्को से सहमत होकर अभियुक्त का जमानत आवेदन निरस्त किया गया। 


 प्रकरण में शासन की ओर से श्री डी.के. नागर, एजीपी, तहसील तराना, जिला उज्जैन द्वारा पैरवी की गई।


धारिया से मारपीट करने वाले अभियुक्तगण की जमानत निरस्त


 न्यायालय माननीय कु. वन्दना मालवीय, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी तराना जिला उज्जैन के न्यायालय द्वारा अभियुक्तगण 01. भरत उर्फ भारतसिंह पिता देवीसिंह, 02. कमलसिंह पिता देवीसिंह निवासी-पाला मोहल्ला तहसील तराना जिला उज्जैन का जमानत आवेदन निरस्त किया गया। 


अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी श्री मुकेश कुमार कुन्हारे ने अभियोजन घटना अनुसार बताया कि फरियादी महेश गुर्जर ने अपने साथी राजाराम व संतोषसिंह के साथ थाना तराना पर मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराई कि मैं ग्राम सिद्धीपुर निपानिया में रहता हूॅं, अंग्रेजी शराब कलाली की गाड़ी चलाता हॅू। मैं अपने साथियों के साथ भ्रमण पर पाला मोहल्ला गया था कि पाला मोहल्ला में अभियुक्त भरत ठाकुर के घर के पास चौराहे पर पहंुचे तो अभियुक्त भरत ने लोहे का पाईप लेकर व अभियुक्त कमल ने हाथ में लठ्ठ लेकर व चंदन ठाकुर लोहे का धारिया लेकर तथा अजयसिंह ठाकुर के पास कट्टा था जो उसने लोड किया जो चला नहीं। मुझे चंदन ने लोहे का धारिया मारा तथा भरत ठाकुर ने लोहे का पाईप मारा जो मेरे बाये तरफ सिर व बाये हाथ में चोट लगी है एवं कमल ने लठ्ठ की मारी जो पीठ पर लगी और चारों अभियुक्तगण ने मॉ-बहन की नंगी-नंगी गालिया दी और कहा कि तुम लोग हमारे मोहल्ले में क्यो आये तो मैने बोला कि भ्रमण पर आये है। बीच-बचाव राजाराम व भैरू राजपूत ने किया। फिर ये चारो बोले कि तू आज तो बच गया, अगर इधर दुबारा आया तो जान से खत्म कर देंगे। फरियादी की उक्त रिपोर्ट पर थाना तराना द्वारा अभियुक्तगण के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया। 


 अभियुक्त द्वारा न्यायालय में जमानत आवेदन प्रस्तुत किया गया था, अभियोजन अधिकारी द्वारा जमानत का विरोध किया। न्यायालय द्वारा अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर अभियुक्त का जमानत आवेदन निरस्त किया गया।      


 प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी श्री सुनील परमार, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी, तराना, जिला उज्जैन द्वारा की गई।