शराब कांड,,,,,,,,सुबोध जैन और आबकारी आयुक्त पर कार्रवाई के संकेत, निगम आयुक्त भी पद के नशे में चूर,,, उन पर भी कार्रवाई हो

उज्जैन ।मजहरीली शराब पीने के कारण 14 लोगों की हुई मौत के कारण प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा एसआईटी को जांच देकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।उज्जैन पहुंचे गृह विभाग सचिव डॉ राजेश राजौरा द्वारा चर्चा में बताया गया आबकारी आयुक्त यदि फोन नहीं उठाते हैं तो उनकी बहुत बड़ी गलती है,पत्रकारों माध्यम से मामले को संज्ञान में लिया गया है आज ही आबकारी आयुक्त का स्थानांतरण कई अन्य स्थान पर इनकी लापरवाही को देखते हुए कर दिया जाएगा।


इसके अलावा विभाग सचिव डॉ राजेश राजौरा द्वारा बताया गया इस प्रकार के गोरखधंधे में जो भी मिला होगा सभी अधिकारियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।


SIT के समक्ष हुई दर्जनभर शिकायतों में से आधादर्जन शिकायतें सुबोध जैन की हुई, नगर निगम में उपायुक्त सुबोध जैन उस नगर निगम भवन के प्रभारी है जहां पर जहरीली शराब बनाई जा रही थी वहीं आरोपी सिकंदर को इन्ही की सरपरस्ती थी, दो साल पहले देवासगेट बस स्टैंड के सायकल स्टैंड की फर्जी रशिदों और अवैध उगाही में भी सिकन्दर का नाम आया था तब भी श्री सुबोध जैन ने उसे बचाया था, सुबोध जैन पर भी इस मामले में कोई बड़ी कार्यवाही के संकेत जांच दल ने दिए। इधर जनता का कहना है कि नगर पालिक निगम के आयुक्त भी पद के नशे में चूर है नगर निगम की बिल्डिंग में यदि कोई अवैध कार्य हो रहे थे तो इसके लिए सीधे नगर पालिक निगम के आयुक्त जिम्मेदार है उन्हें कैसे छोड़ा जा सकता है।