तेज गति व लापरवाही पूर्वक बस चलाने वाले चालक आरोपी को 12000 रूपये जुर्माना      

 


      न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी महोदय सेंधवा जफर खान द्वारा अपने फैसले मे लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाकर टक्कर मारने के आरोप मे आरोपी दीपक पिता सत्यदेव उम्र 25 वर्ष निवासी खामखेडा जिला सिहोर को धारा 279, 337 भादवि एवं 66/192 मोटर यान अधिनियम में न्यायालय उठने तक की सजा एवं 12000 रूपये से दण्डित किया गया। अभियोजन की ओर से पैरवी राजमलसिंह अनारे सहायक जिला अभियोजन अधिकारी सेंधवा द्वारा की गई।  


    अभियोजन मीडिया प्रभारी कीर्ति चौहान सहायक जिला अभियोजन अधिकारी बड़वानी द्वारा बताया गया कि- दिनांक 03/09/2020 को बिजासन घाट मोड पर करीब 04 बजे सेंधवा तरफ से बस का चालक आरोपी दिपक बस को तेज गति व लापरवाहीपूर्वक से चलाकर लाया जिससे बस अनियंत्रित होकर रोड के किनारे नाली में उतर गई जिससे बस में बैठे यात्रियों को चोट लगी ।सभी घायल यात्रियों को एम्बुलेंस की मदद से सेंधवा अस्पताल में भर्ती कराया। थाना सेंधवा ग्रामीण में आरोपी चालक दीपक के खिलाफ धारा 279, 337 भादवि एवं 66/192 मोटर अधिनियम के तहत् अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना पश्चात अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।


 किशोरी का अपहरण कर शादी का झाँसा देकर दुष्कर्म करने वाले के साथी आरोपी की जमानत याचिका खारिज 


 न्यायालय द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश कृष्णा परस्ते सेेंधवा द्वारा अपने आदेश से आरोपी अनिल पिता दानु उम्र 19 वर्ष निवासी केरमला थाना वरला जिला बड़वानी की धारा 363,366,376 भादवि एवं 5/6 लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 में जमानत निरस्त कर जेल भेजा गया।


      अभियोजन मीडिया प्रभारी सुश्री कीर्ति चौहान ने बताया कि घटना दिनांक 18.03.2020 को पिडिता अपनी बहन के साथ अपने गांव से मजदूरी करने के लिये जा रही थी तभी रास्ते में आरोपी राजेश व उसका साथी अनिल दोनो मोटरसायकल से आये ओर पिडिता को जबरजस्ती मोटरसायकल पर बैठाकर बोले की तुम्हे जहाॅ काम पर जाना है वहाॅं उतार देगे। आरोपी राजेश ने पिडिता की बहन ओर आरोपी अनिल को थोडी दूर जाकर उतार दिया ओर पिडिता को जबरजस्ती जूनागढ गुजरात मोटरसायकल पर ले गया। पिडिता को शादी का झाँसा देकर गुजरात मे तीन महिने तक साथ में रखा उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। परिवार वालो ने थाना सेंधवा ग्रामीण में रिपोर्ट दर्ज कराई।पीड़िता ने घटना की जानकारी अपने माता पिता को दी।अनुसंधान के दौरान आरोपी को गिरफ्तार किया गया।


 


              आरोपी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से माननीय न्यायालय के समक्ष जमानत आवेदन पेश किया जिस पर श्रीमती इंदिरा चौहान सहायक जिला अभियोजन अधिकारी सेंधवा द्वारा आपत्ति की गई। माननीय न्यायालय ने अभियोजन की दलील पर आरोपीगण का जमानत आवेदन निरस्त कर भेजा जेल।