ट्रक में आग लगाकर धोखाधड़ी करने वाले आरोपियों का जमानत आवेदन न्यायालय ने किया खारिज

कार्यालय जिला अभियोजन खरगोन के मीडिया प्रभारी सहायक जिला जिला अभियोजन अधिकारी श्री अमरेन्द्र कुमार तिवारी ने बताया कि पुलिस थाना बड़वाह क्षेत्र अन्तर्गत ग्राम मनिहार में इंदौर इच्छापुर मार्ग पर 15 अगस्त 2020 को ट्रक क्रमांक एम.पी. 20 एच.बी. 1585 द्वारा महाराष्ट्र के औरंगाबाद स्थित कॉटन कम्पनी से 128 रूईं की गठानें (कीमत 22 लाख रू.) सिहोर जिले के मेहतवाड़ा भेजी जा रही थी, जिन्हें महेश्वर-मण्डलेश्‍वर के बीच आरोपी इरफान पिता मुन्नु, फारूक पिता कय्युम, सलीम पिता सिराज, इमरान पिता मुस्तफा, असलम पिता समशेर, साजिद पिता मजिद ने उतार ली और खण्डवा के व्यापारी कमल पिता केदारमल को दलाल सतीश दास के माध्यम से बेच दिया। इसके बाद ट्रक को पुलिस थाना बड़वाह अन्तर्गत ग्राम मनिहार के पास आग लगा दी और पुलिस को सूचना दे दी की शॉर्ट सर्किट होने से गाड़ी में आग लग गई। जिसकी जांच पुलिस थाना बड़वाह द्वारा की गई। उक्त जांच में पाया गया कि सूचना देने वालों ने ही साजिश के तहत रूईं की गठाने ट्रक से उतारकर उसमें आग लगा दी थी। जांच के आधार पर आरोपियों के विरूद्ध धोखाधड़ी करने एवं ट्रक में आग लगाने व अमानत में खयानत का अपराध पंजीबद्ध किया और इन आरोपियों को दिनांक 04.09.2020 को गिरफ्तार कर जे.एम.एफ.सी न्यायालय बड़वाह में पेश किया गया था, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था। इसके बाद आरोपियों की ओर से जमानत आवेदन पेश किया गया था, जिसे जे.एम.एफ.सी. न्यायालय बड़वाह ने खारिज कर दिया था तब से वह जेल में ही है। दिनांक 08.10.2020 को आरोपी फारूख और असलम के द्वारा प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायालय बड़वाह में जमानत आवेदन पेश किया गया था। जहां पर शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक चम्पालल मुजाल्दे ने आरोपीगण के जमानत आवेदन पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की और कहा कि इस तरह के अपराधों में आरोपिगण को जमानत दी तो भविष्य में वस्तुओं को एक जगह से दूसरी जगह भेजना कठिन हो जायेगा और आवश्यक वस्तुओं की पूर्ति करने में भी कठिनाई आयेगी। माननीय न्यायालय ने अभियोजन पक्ष द्वारा ली गई आपत्ति से सहमत होकर जमानत आवेदन खारिज कर दिया।