अमलतास अस्पताल को मरीज ने मंदिर का दर्जा दिया,,, बोले बहुत बीमार होकर आए थे जिंदगी की उम्मीद कम थी लेकिन बहुत जल्दी ठीक हो कर घर जा रहे हैं,,,,,,,

 









उज्जैन। कोरोना से जंग जीत कर लगातार मरीज ठीक होकर अपने घर वापस जा रहे हैं जिले में 1 मई से 7 मई तक 2393 मरीज ठीक हो चुके हैं, इनमें से कुछ अस्पतालों में तो कुछ होम आइसोलेट होकर  आर आर  टीम की देखरेख में ठीक हुए हैं। कॉविड 19 का इलाज सरकारी तौर पर उज्जैन के माधव नगर अस्पताल, आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज और देवास के अमलतास अस्पताल में किया जा रहा है। देवास के अमलतास अस्पताल में 180 बेड उज्जैन जिले के मरीजों के लिए आरक्षित है, इनमें से 150 बेड ऑक्सीजन वाले हैं तथा 30 बेड आईसीयू में उपलब्ध है ,इस अस्पताल में शुरुआती दौर में कुछ दिक्कत है थी लेकिन अब कोरोना मरीजों के लिए यह न सिर्फ आदर्श अस्पताल बना बल्कि ठीक होने वाले मरीज इसे मंदिर का दर्जा दे रहे हैं ।आज इस अस्पताल से ठीक होकर घर जाने वाले हैं मरीजों से चर्चा की तो एक मरीज का कहना था कि यहां आकर बहुत बढ़िया लगा, बहुत बीमार होकर आए थे ,हमारे लिए तो यह मंदिर बन गया है ,इलाज के साथ-साथ खाना पीना सब टाइम टू टाइम मिलता रहा। मरीजों की यह कहानी बताती है कि इस अस्पताल में इलाज करवाने आने वाले मरीजों को यह उम्मीद बंध जाती है कि यहां से वह बिल्कुल ठीक होकर घर वापस पहुंचेंगे।

उज्जैन के नाका नंबर 5 पर रहने वाली शारदा बाई भी सिविल अस्पताल में इलाज करवाने के बावजूद सीरियस स्थिति में 5 मई को आरआर टीम के सहयोग से अमलतास अस्पताल देवास में भर्ती करवाई गई थी उनके पुत्र सुमित नागर भर्ती करवाने के बाद से परेशान थे ,उन्हें लग रहा था कि अमलतास अस्पताल में इंतजाम ठीक नहीं है, लेकिन आज जब इस प्रतिनिधि ने उनसे चर्चा की तो वह न सिर्फ बेहद संतुष्ट नजर आए बल्कि डॉक्टरों को दुआ देने लगे ,उन्होंने बताया कि मौत के मुंह से 2 दिन में ही मेरी मां बाहर आ गई है और अब लग रहा है कि जल्दी ठीक होकर घर पहुंचेगी। कुछ ऐसे ही कहानियां वहां भर्ती अन्य मरीजों की है ।आरआर टीम के नोडल अधिकारी डॉक्टर रौनक एलची ने जानकारी देते हुए बताया कि अमलतास अस्पताल देवास में उज्जैन जिले के कॉविड 19 पेशेंट भर्ती होने के बाद 2 दिन में ही तेजी से रिकवर होने लगते हैं, इसका श्रेय उन्होंने अस्पताल की टीम को देते हुए बताया कि वहां मौजूद डॉक्टर , नर्स और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का स्टाफ पूरी लगन के साथ मरीजों को ठीक करने में जुट जाता है। बाहर से आए मरीजों की परेशानी को समझ कर उनके परिजनों से बातचीत करवाने के अलावा किसी भी प्रकार की समस्या आने पर तत्काल वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम से संपर्क कर उसे दूर करते हैं ,यही वजह है कि देवास का अमलतास अस्पताल अब मरीजों के लिए मंदिर सिद्ध हो रहा है।

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