श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन व्यवस्था को लेकर मनगढंत एवं भ्रामक प्रचार से रहें सावधान


उज्जैन।

********************

श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन व्यवस्था को लेकर कतिपय भ्रामक प्रचार प्रसार  के बारे में संभ्रांत, वरिष्ठ व नियमित दर्शनार्थीगण ने मंदिर प्रशासक श्री गणेश कुमार धाकड़ का ध्यान आकर्षित किया व आश्चर्य व्यक्त किया कि मंदिर की सर्वसम्मति व समस्तजन हेतु हितकारी दर्शन व्यवस्था जो कि सुचारू रूप से चल रही है के संबंध में मीडिया में अतिशयोक्ति पूर्ण कथन प्रसारित किये गए हैं. इसपर मंदिर प्रशासक श्री गणेश कुमार धाकड़ ने कहा कि आम जन प्रसन्नचित्त होकर दर्शन हेतु पधारें. सभी दर्शन व्यवस्थाएँ पूर्णतः पारदर्शी एवं सुखद दर्शन को ध्यान में रख कर बनाई गई हैं. रु 5100 अथवा रु 1100 से नंदीहाल  या गणेश मंडपम से दर्शन की बातें पुर्णतः मनगढ़ंत व असत्य हैं. मंदिर में भस्म आरती के लिए पूर्ण पार-दर्शिता के साथ

01ऑनलाइन बुकिंग जो कि देश-विदेश के दर्शनार्थी अपने घरों से ही उपलब्धता के आधार पर करते हैं.

ऑनलाइन हेतु :

www.

shrimahakaleshwar.com

साइट पर अपनी सुविधा से अनुमति प्राप्त करें.






02. मंदिर का सामान्य भस्म आरती कॉउंटर जो कि प्रातः 7.00 बजे प्रारंभ होता है वंहा से श्रद्धालुगण स्वयं उपस्थित होकर, अपना मूल ID दिखाकर एवं फोटो मिलान कर फोटोप्रिन्ट सहित निःशुल्क अनुमति तुरंत प्राप्त करते हैं.

03. विभिन्न विशिष्ट, अतिविशिष्ट अतिथियों हेतु जिला सत्कार अधिकारी कार्यालय से सीमित संख्या में अनुमति.

04. इसके साथ ही मंदिर के सम्माननीय पूजारीगण,

पुरोहितण को निश्चित संख्या में उनके यजमान हेतु अनुमति सुविधा है.

बची हुई अत्यन्त अल्प संख्या से कुछ अनुमति मंदिर के दानदाता हेतु, जो कि उपरोक्त वर्णित श्रेणी से भिन्न है प्रदान की जाती हैं. प्रशासकजी ने कहा कि दर्शन व्यवस्था पारदर्शी होकर सभी की सुविधा अनुरूप है व यदि कोई सुझाव प्राप्त होते हैं तब उसपर सहर्ष विचार किया जावेगा.

----------------------------

Popular posts
बेटे के वियोग में गीत बनाया , बन गया प्रेमियों का सबसे अमर गाना
Image
ये दुनिया नफरतों की आखरी स्टेज पर है  इलाज इसका मोहब्बत के सिवा कुछ भी नहीं है ,मेले में सफलतापूर्वक आयोजित हुआ मुशायरा
पूर्व मंत्री बोले सरकार तो कांग्रेस की ही बनेगी
Image
नवनियुक्त मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को उज्जैन तथा अन्य जिलों से आए जनप्रतिनिधियों कार्यकर्ताओं और परिचितों ने लालघाटी स्थित वीआईपी विश्रामगृह पहुंचकर बधाई और शुभकामनाएं दी
Image
उज्जैन के अश्विनी शोध संस्थान में मौजूद हैं 2600 साल पुराने सिक्के
Image