अन्न का दुरुपयोग ना होने पावे-महाराज जी


उज्जैन।परम् सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज ने कोरोना के संकट के बीच लोगो से आह्वान करते हुए कहा कि सन्त,महात्मा जब इस धरती पर आते है तो आगाह करते है ।तो आप ये समझो ये लॉक डाउन,इमरजेंसी, धारा 144 ये सब लोगों को बचाने के लिए किया जा रहा है । आप ये समझों की इससे पैसे की कमी हो जाएगी, अन्न की भी कमी हो जाएगी । अन्न के लिए तो हम कहेंगे कि अन्न का दुरुपयोग ना करें । आप ये समझो हर चीज़ का हिसाब देना पड़ता है।अगर इस अन्न को बेकार किया तो अन्न देवता नाराज़ हो जाएंगे और जब नाराज़ हुए तो फिर ये जल्दी मिलने वाला नही । इसलिए इस बात का ध्यान रखने की ज़रूरत है कि इस समय अन्न का दुरुपयोग ना हो ।


उतना ही लो, जितनी आपको ज़रूरत है


महाराज जी ने बताया कि अभी तो अनाज घर बैठे दरवाजे पर मिल रहा है लेकिन जब रहेगा नही लोगों के पास, उन्ही भर का रहेगा तो ख़ुद खाएंगे या इनको खिलाएंगे इसलिए अन्न का दुरुपयोग बिल्कुल नही होना चाहिए । दाता तो दान दे रहे है,राशन बाट रहे है । लेकिन याद रखो अगर राशन बेच करके शराब पिये तो फिर ये समझ लो कि एक-एक दाने के मोहताज हो जाओगे । इसलिए प्रेमियों ये बात सबको समझाने की ज़रूरत है कि उतना ही लो जितनी आपको ज़रूरत है । देने वालो को भी ये चाहिए कि उन्ही को दे जिन्हें ज़रूरत है ।सरकार जो बटवा रही है उनको भी ये चाहिए कि जो वाकई पात्र है,वास्तविक जरूरत है । उन्ही को दिया जाए सूखा अन्न ,भोजन के पैकेट ।
आपके पास खाने को नही है तो लेलो लेकिन ले करके चार-चार पैकेट टेस्ट करके की सब्जी कौन अच्छी है, पूरी कौन अच्छी है,अचार कौन अच्छा है ? तो उस तरह से खाओ और बाकी फैक दिया । तो उसका खामियाज़ा भुगतना पड़ेगा ।इसलिए इस समय इस बात को समझाना ज़रूरी है कि अन्न देवता का दुरुपयोग,अपमान ना होने पावे ।


जयगुरुदेव