हद हो गई,,, कछुआ बना आईकॉन?,,,,,,,,,,5 दिन में 584 सैंपल लिए, जांच रिपोर्ट मात्र 97 की ही आई, 50% सैंपल की जांच आना शेष

  • 5 दिन में मात्र 17% सैंपल की जांच बताती है कि कितना सजग है सरकारी अमला।                                                              उज्जैन । लगातार दावा किया जा रहा है कि विश्वव्यापी महामारी कोरोना की जांच तेजी से हो रही है और जांच में तेजी ही इस  रोग के संक्रमण को फैलने से रोक सकती है लेकिन किए जा रहे दावों के विपरीत उज्जैन में लिए गए सैंपल की जांच कछुआ गति से होने की आशंका उत्पन्न हो गई है कि कहीं यह कछुआ चाल उज्जैन में कोरना संक्रमण को तेजी से फैलाने का कारण न बन जाय।                                                                                                                   5 दिन के आंकड़ों पर नजर डालें तो कांप जाता है दिल               


   आंकड़ों के मुताबिक 14 अप्रैल को 960 सैंपल 15 को 104 7 सैंपल 16 को 1251 सैंपल 17 को 1358  सैंपल  और 18 को 1544 सैंपल लिए गए इस तरह 14 अप्रैल के पूर्व के 960 सैंपल और 5 दिन में 584 नए सैंपल लेने के बाद जांच को भेजे गए, जांच की गति को यदि देखा जाए तो 5 दिन में मात्र 97 सैंपल की ही  जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई पिछले 2 दिन में तो मात्र एक जांच रिपोर्ट प्राप्त होने से यह सिद्ध हो जाता है कि कोरॉना की जांच जिस तरह कछुआ गति से चल रही है उससे उज्जैन विस्फोटक स्थिति में है, क्योंकि जांच ना होने से संदिग्धों को अस्पताल में  इलाज दिया जा रहा है , और इधर संदिग्धों के क्षेत्र में विशेष सतर्कता नहीं रखी जाने से कोरोना संक्रमण तेजी से फैल सकता है क्योंकि प्रशासन कोरोना की जांच पॉजिटिव आने के बाद ही क्षेत्र को कंटेनमेंट एरिया घोषित कर युद्ध स्तर पर शुरू करता है।