मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने अपनी कब्र स्वयं खोदी, भाजपा पर आरोप लगाने वाले पहले अपने गिरेबान में झांके

उज्जैन। भारतीय जनता पार्टी के नेता सुरेन्द्र सांखला ने कहा कि प्रदेश का गरीब किसान मजदूर खेतिहर मजदूर व्यापारी सभी के हितों के साथ प्रदेश की तत्कालीन सरकार ने खूब मजाक किया उद्योगों को बढ़ावा देने की बजाय सिर्फ छिंदवाड़ा ही मुख्य केंद्र बनाया,किसानों को कर्ज माफी के नाम पर शोषण किया गया ,कर्ज माफी नहीं की किसानों को घायल किया गया, मजदूरों के लिए चल रही योजनाओं पर ब्रेक लगा दिया कृषि मजदूरों के कल्याण की योजनाओं पर ताला लगा दिया और अब जब तमाम आरोप,,,,,,,,, और निराशा देने वाली सरकार को बदला गया उस सरकार के कुछ मंत्री जिसने कल ही श्री सज्जन सिंह वर्मा जी ने किसानों के लिए बड़ी-बड़ी बातें कही है यह बातें सरकार में रहते उन्होंने क्यों नहीं कहीं घायल अवस्था में प्रदेश को दिया है इलाज चल रहा है ठीक,होने में समय लगेगा इसलिए कांग्रेस किसानों के हित की बात करना छोड़ दें सुरेन्द्र सांखला ने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश का बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम ऐसे ही नहीं हो गया जनता की आवाज जिसमें कांग्रेस को दोषी ठहराया जाने लगा मुखिया द्वारा अपने ही प्रतिनिधियों का अपमान मुखिया द्वारा भेदभाव ,मुखिया द्वारा तबादला उद्योग ,मुखिया द्वारा व्यापारियों से अवैध वसूली का अनैतिक फरमान यह सब मध्यप्रदेश ने डेढ़ वर्ष भोगा कांग्रेस के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को कानून का दुरुपयोग करके प्रताड़ित किया गया और अब विवेक तंखा जैसे कांग्रेसी नेता शासन एवं प्रशासन को नाकाम बता रहे हैं कांग्रेस के नेता लगातार असफलता गिना रहे हैं वे यह सब असफलता कांग्रेस ने विरासत में दी है यह क्यों नहीं कहते, प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था बदहाल हो गई थी स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है उसके पीछे कांग्रेसका नेतृत्व जिम्मेदार था और है क्योंकि कांग्रेस सिर्फ लोगों को प्रताड़ित करना लोगों को नीचे दिखाना लोगों की तरक्की के सरकारी कार्यक्रमों पर बैंड लगाना इन्हीं कामों में लगी रही इसलिए कांग्रेस और उनके विधायकों को किसानों के लिए आवाज उठाने का पूरा अधिकार है लेकिन इतनी जल्दी आवाज उठाने का अधिकार पहले ही वह खो चुके हैं।