डिफाल्टर पर कृपा बनाए रखना इंदौर कलेक्टर सहित उज्जैन में पदस्थ रह चुके आठ कलेक्टरों को भारी पड़ा, लोकायुक्त ने षड्यंत्र का प्रकरण दर्ज किया, अब तक 20 आरोपी

 


उज्जैन । लोकायुक्त पुलिस उज्जैन हाई कोर्ट के निर्देश पर चल रही जांच के आधार पर इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह के अतिरिक्त उज्जैन में पदस्थ रह चुके तीन और कलेक्टरों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 7 और आईपीएस की धारा 120 बी के तहत प्रकरण दर्ज किया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक 2006 में दताना मातना हवाई पट्टी के रखरखाव की राशि और हवाई जहाजों के पार्किंग का शुल्क नहीं वसूलने पर यह प्रकरण दर्ज किया गया है। इस प्रकरण में अब तक 20 आरोपी बनाए जा चुके हैं इनमें से 16पर पहले प्रकरण दर्ज हो चुका है
, इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ,आईएएस और उज्जैन में कलेक्टर रह चुके नीरज मंडलोई, शशांक मिश्र और संकेत भोंडवे के अलावा उज्जैन कलेक्टर रह चुके बीएम शर्मा, अजातशत्रु, कविंद्र कियावत और एम गीता पर पूर्व में प्रकरण दर्ज हो चुका है ।उल्लेखनीय है कि 2006 में हवाई पट्टी यश एयरवेज को उड़ान भरने के प्रशिक्षण के लिए लीज पर दी गई थी ।लीज की शर्तों का उल्लंघन करने पर भी यश एयरवेज के खिलाफ तत्कालीन कलेक्टर ने कोई कार्रवाई नहीं की बाद में प्रकरण हाई कोर्ट तक पहुंचा और कोर्ट ने माना कि उज्जैन शहर में रह चुके 8 कलेक्टरों के अतिरिक्त 12 अन्य अधिकारियों ने यश एयरवेज पर मेहरबानी की है जिससे शासन को लाखों का नुकसान हुआ।